भुरकुंडा (रामगढ़): प्रकृति के प्रति श्रद्धा और भाई-बहन के पावन प्रेम का प्रतीक करम पर्व भुरकुंडा सहित ग्रामीण क्षेत्र में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। अवसर पर विभिन्न गांवों, टोलों और बस्तियों में करम डाल स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। कई मोहल्लों में करम पूजा समिति द्वारा आकर्षक अखरा सजाया गया था, जहां करम डाल स्थापित कर महिलाओं और युवतियों ने निर्जला उपवास रखकर विधिवत पूजा की।
अखरा में पाहन द्वारा सामूहिक रूप से धरम-करम की कथा सुनाई गई और करम देव की पूजा करवाई गई। पूजा के बाद युवक-युवतियों की टोलियां मंदार की थाप पर झूमर नृत्य करते नजर आईं। पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य से पूरा माहौल झारखंडी संस्कृति के रंग में रंगा रहा।
पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में करम गीत गाते हुए नृत्य किया। श्रद्धालुओं ने करम देव से परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और अच्छी फसल की कामना की। देर रात तक अखरा में पारंपरिक गीत-संगीत और झूमर नृत्य का दौर चलता रहा, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
