उरीमारी (हजारीबाग): बड़कागांव प्रखंड अंतर्गत राजकीय मध्य विद्यालय पोटंगा में 49 बच्चों के 8वीं बोर्ड परीक्षा से वंचित रह जाने का मामला प्रकाश में आया है। जिसे लेकर पोटंगा पंचायत में बुधवार को मुखिया चरका करमाली की अध्यक्षता में ग्रामीणों की बैठक हुई। बैठक बच्चों के आठवीं बोर्ड से वंचित रह जाने पर गहरा रोष प्रकट किया गया। साथ ही विद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं पर भी नाराजगी जताई गई।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय के 49 बच्चों का रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया। जिससे वे परीक्षा देने से वंचित रह गए हैं। प्रधानाध्यापक इसे विभागीय चूक बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा गया कि अगली बैठक 17 अप्रैल को की जाएगी। जिसके उपरांत हजारीबाग उपायुक्त से मुलाकात कर इसकी शिकायत कर कार्रवाई की मांग की जाएगी। साथ ही विद्यालय में व्याप्त कुव्यवस्था से अवगत कराया जाएगा।
बैठक में मुख्य रूप से पोटंगा पंचायत का मुखिया चरका करमाली, विस्थापित नेता सूरज बेसरा, समाजसेवी मुकुंद मुंडा, गिरधारी प्रजापति, गणेश गंझू, जीतन मुंडा, राजेंद्र गंझू, इंद्रदेव प्रजापति, विनोद प्रजापति, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विनोद मुंडा, रामकुमार प्रजापति, फुलेश्वर गंझू , प्रेमलाल मुंडा, कृष्णा गंझू, जानकी मुंडा, टिंकू प्रजापति, विद्यालय प्रबंधन समिति की उपाध्यक्ष मालो देवी, दिनेश मुंडा, अकल मुंडा, साहराय मुंडा, राजू गंझू, आशा देवी, दसई मांझी, विद्यालय के प्रधानाध्यापक राकेश कुमार दास, सहायक आचार्य योगेंद्र कुमार रजक, उमेश कुमार साव, अनिल कुमार पासवान, नागेंद्र करमाली, रोहित कुमार सहित कई लोग मौजूद थे।
