गिरिडीह: जिले में आयोजित “पोषण पखवाड़ा” का विधिवत समापन गुरुवार को उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी के द्वारा किया गया। अवसर पर उन्होंने उपस्थित अधिकारियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं एवं अन्य संबंधित कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि कुपोषण मुक्त समाज का निर्माण केवल योजनाओं के क्रियान्वयन से नहीं, बल्कि जन-जागरूकता और सामूहिक सहभागिता से ही संभव है।

उप विकास आयुक्त ने कहा कि “पोषण पखवाड़ा” के दौरान जिले भर में विभिन्न गतिविधियों जैसे जागरूकता रैलियां, स्वास्थ्य जांच शिविर, पोषण संबंधी परामर्श, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिए विशेष सत्र, तथा बच्चों के समुचित आहार पर केंद्रित कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को संतुलित आहार, स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। उन्होंने विशेष रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका को सराहते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर कार्यरत सेविकाएं और सहायिकाएं ही इस अभियान की असली ताकत हैं। उनके सतत प्रयासों से ही पोषण संबंधी योजनाएं लाभार्थियों तक प्रभावी रूप से पहुंच पा रही हैं।

उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि पोषण अभियान को केवल एक पखवाड़े तक सीमित न रखते हुए इसे निरंतर अभियान के रूप में चलाया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों, किशोरियों एवं माताओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना हमारी प्राथमिकता है और इसके लिए समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।

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