रामगढ़: राजरप्पा मंदिर परिसर के प्रस्तावित पुनर्विकास कार्यों और विस्थापित दुकानदारों के पुनर्वास को लेकर शुक्रवार को उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में बैठक की गई। जिसमें झारखंड सरकार के दर्जा प्राप्त मंत्री फागु बेसरा, विधायक ममता देवी, वन प्रमंडल पदाधिकारी नीतीश कुमार, न्यास समिति के सदस्य, मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य, दुकानदार समिति के सदस्य सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान राजरप्पा मंदिर परिसर के समग्र पुनर्विकास से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से मंदिर परिसर में वर्तमान में संचालित दुकानों, विस्थापित होने वाले दुकानदारों के पुनर्वास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान अधिकारियों द्वारा बताया गया कि विस्थापित दुकानदारों के लिए अस्थायी रूप से मंदिर परिसर में कुल 271 दुकानों का निर्माण कराया जाएगा, ताकि पुनर्विकास कार्यों के दौरान दुकानदारों की आजीविका प्रभावित न हो। साथ ही श्रद्धालुओं को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
बैठक को संबोधित करते हुए दर्जा प्राप्त मंत्री फागु बेसरा ने कहा कि राजरप्पा मंदिर झारखंड की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर परिसर के विकास के साथ-साथ स्थानीय दुकानदारों एवं आम लोगों के हितों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। सभी कार्य आपसी समन्वय एवं सहमति से किए जाएंगे। विधायक रामगढ़ ममता देवी ने कहा कि पुनर्विकास कार्यों के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी दुकानदार को अनावश्यक परेशानी न हो। श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार के साथ स्थानीय लोगों के रोजगार एवं हितों का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
उपायुक्त ऋतुराज ने बैठक के दौरान कहा कि राजरप्पा मंदिर परिसर के पुनर्विकास का उद्देश्य श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि विस्थापित दुकानदारों के पुनर्वास की प्रक्रिया व्यवस्थित एवं पारदर्शी तरीके से पूर्ण हो। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि दुकानदारों के पुनर्वास, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। साथ ही सभी संबंधित पक्षों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में मंदिर प्रबंधन समिति एवं दुकानदार समिति के सदस्यों ने भी अपने सुझाव एवं समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं, जिस पर उपायुक्त ने सकारात्मक पहल करते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
