• कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के. राजू, मंत्री राधाकृष्ण किशोर, पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद रहीं शामिल
रामगढ़: पतरातू प्रखंड के रसदा गांव से सोमवार को कांग्रेस पार्टी का जन-संवाद महाभियान आरंभ हुआ। जिसमें कांग्रेस के झारखंड प्रदेश प्रभारी के. राजू, सूबे के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद रही मौजूद रहीं। अभियान के तहत कांग्रेस नेताओं ने रसदा, बलकुदरा सहित आसपास के अन्य गांव के रैयत विस्थापितों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान विस्थापितों ने जबरन भूमि अधिग्रहण, काफी अरसे से लंबित मुआवजे और नौकरी से संबंधित मामलों को प्रमुखता से रखा। जिसपर कांग्रेसी नेताओं ने समस्याओं को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित और कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के समक्ष रखने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को लागू कराने और कंपनी से विस्थापित हुए लोगों को उनका पूरा अधिकार दिलाने का प्रयास तेज किया जाएगा।

विस्थापितों के सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगी हेमंत सरकार : राधाकृष्ण किशोर
मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि “आज झारखंड में विस्थापन सबसे गंभीर समस्या बनी हुई है। मेरे गृक्ष क्षेत्र पलामू में सिंचाई की योजना से विस्थापितों के पास खेती करनै के जमीन तक नहीं बची है। वे अपने परिवार का भरण-पोषण कैसे कर रहे हैं यह कांग्रेस पार्टी के नेता ही भलि भांति जान रहे हैं। राज्य में भारतीय जनता पार्टी ने सबसे अधिक समय तक शासन किया है और सभी जानते हैं कि भाजपा का पूंजीपतियों से खासा लगाव रहा है। विस्थापितों के साथ उनका कोई लेना-देना नहीं है। यहां के विस्थापितों की समस्याओं पर सिर्फ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार संवेदनशील है। सरकार में शामिल कांग्रेस और राजद विस्थापितों की समस्याओं पर गंभीर हैं। विस्थापितों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा की जिम्मेदारी हेमंत सोरेन की सरकार लेनेवाली है और इसी उद्देश्य से हमलोग यहां आए हैं।
उन्होंने कहा कि एनटीपीसी द्वारा जमीन सब-लीज पर देने की जानकारी मिली है। झारखंड सरकार ने लगभग 6000 एकड़ जमीन पर अधिग्रहण करके दिया है। उसमें से 222 एकड़ जमीन कंपनी कैसे किसी को सब-लीज पर दे सकती है, वह भी बिना झारखंड सरकार के अनुमति के। अधिग्रहित जमीन किसी को सब-लीज पर देने का अधिकार कंपनी को नहीं है। इस मामले को भी देखा जाएगा। आगे उन्होंने कहा कि हजारीबाग जिला प्रशासन और रामगढ़ जिला प्रशासन को भी आगाह करता हूं कि विस्थापितों के किसी भी मामले में पारदर्शिता के साथ काम करें। पूंजिपतियों के कहने मात्र से ही पुलिस फोर्स मत भेज दिजीए कि हमारे ही लोग मुख्य धारा से हटने और दूसरे रास्ते अपनाने को बाध्य हो जाएं। झारखंड के लोगों को उनका अधिकार दिलाना हम सभी का कर्तव्य होना चाहिए।
भूमि अधिग्रहण कानून 2013 का सख्ती से हो अनुपालन : के. राजू
कांग्रेस प्रदेश प्रभारी ने कहा कि देश में जिस कानून से आम लोगों को उनका अधिकार मिलता है उनका उनका अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए कांग्रेस पार्टी हमेशा आगे रही है। भूमि अधिग्रहण कानून 2013 कांग्रेस पार्टी की देन है। यह कानून आम लोगों को अधिकार देता है। कानून के तहत सरकार जब किसी व्यक्ति की जमीन अधिग्रहण करती है तो उसे समुचित मुआवजा देना होगा। किसी स्थान से विस्थापित करने पर पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी, फिस चाहे सरकार किसी की भी हो। उन्होंने कहा कि हम कांग्रेस पार्टी के लोग विस्थापितों की आवाज सरकार तक पहुंचाएंगे। राज्य के मुख्यमंत्री को मुआवजा और पुनर्वास संबंधित शिकायतों और समस्याओं की जानकारी देंगे। जिससे उनके समाधान की दिशा में पहल की जा सके।
अवसर पर उपस्थित लोगों को पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और विधायक अंबा प्रसाद ने भी संबोधित किया। हालांकि अपेक्षानुरूप ग्रामीणों की भीड़ नहीं हुई, जिसे लेकर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर गर्म दिखे। कार्यक्रम पर रिमझिम बारिश का भी असर देखने को मिला। मौके पर कृष्णा सिंह, अब्दुल कयूम अंसारी, देवानंद प्रसाद, मुन्ना पासवान, राजाराम प्रसाद, संजय कुमार, बारीक अंसारी, इमरान अंसारी सहित अन्य उपस्थित थे।
