16 वर्षों से अस्थायी भवन में चल रहा है स्कूल
रामगढ़: बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी ने नई दिल्ली में केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी से शिष्टाचार भेंट कर भुरकुंडा स्थित केंद्रीय विद्यालय के स्थायी भवन निर्माण का मुद्दा उठाया। इस दौरान गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी भी उपस्थित थे। विधायक ने केंद्रीय मंत्री को सौंपे गए आवेदन में कहा कि केंद्रीय विद्यालय भुरकुंडा का मूल भवन वर्ष 2009 में जर्जर एवं असुरक्षित घोषित कर बंद कर दिया गया था। तब से विद्यालय लगभग 16 वर्षों से अस्थायी भवन में संचालित हो रहा है। इससे हजारों विद्यार्थियों को केंद्रीय विद्यालय के मानकों के अनुरूप शैक्षणिक वातावरण नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय के लिए भुरकुंडा रिवर साइड क्षेत्र में लगभग 5 एकड़ भूमि पहले ही चिन्हित की जा चुकी है। लेकिन यह भूमि Coal Bearing Areas (Acquisition and Development) Act के तहत अधिग्रहित होने के कारण सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के अधीन है। भूमि हस्तांतरण लंबित रहने के कारण स्थायी भवन का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका है। विधायक रोशन लाल चौधरी ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि जनहित और विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए सीसीएल प्रबंधन को आवश्यक निर्देश दिए जाएं ताकि भूमि का शीघ्र हस्तांतरण हो और भवन निर्माण कार्य तुरंत प्रारंभ किया जा सके। केंद्रीय मंत्री ने पूरे मामले को गंभीरता से सुनते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
अवसर पर विधायक रोशन लाल चौधरी ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास की सबसे मजबूत नींव है। भुरकुंडा क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्थायी केंद्रीय विद्यालय देना मेरी प्राथमिकता है। मैं हर स्तर पर प्रयासरत हूं और जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से जल्द ही केंद्रीय विद्यालय भुरकुंडा के स्थायी भवन निर्माण का रास्ता साफ होगा, जिससे क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं मिल सकेंगी।
