रिपोर्ट- एस. अंसारी
रांची: जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री शनिवार को नगड़ी वृद्धाश्रम का निरीक्षण कर बुजुर्गों से उनका हाल जाना। यह दौरा निरीक्षण तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि उपायुक्त ने बुजुर्गों के साथ आत्मीय संवाद कर अपनत्व का संदेश दिया। निरीक्षण के दौरान एक बुजुर्ग ने भावुक स्वर में पूछा, “मेरा कोई है क्या? इस पर उपायुक्त ने उनका हाथ थामते हुए कहा, “हम सब आपके अपने ही हैं। यह जवाब सुनकर वहां मौजूद बुजुर्गों और अधिकारियों की आंखें भी नम हो गईं और पूरे परिसर में आत्मीयता का माहौल बन गया।
उपायुक्त ने वृद्धाश्रम के सभी बुजुर्गों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। जो बुजुर्ग स्वास्थ्य कारणों से अपने कमरों से बाहर नहीं आ सके, उनके पास स्वयं जाकर हालचाल जाना। बातचीत के दौरान उन्होंने बुजुर्गों की समस्याएं सुनीं और उनके बेहतर जीवन के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। इस दौरान आश्रम की एक बुजुर्ग महिला ने भक्ति-भजन प्रस्तुत किया। जिसपर उपायुक्त, प्रोबेशनर आईएएस आस्था शरण, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सुरभि सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
इस दौरान एक बुजुर्ग ने बातचीत के दौरान डूरंड कप फुटबॉल टूर्नामेंट देखने की इच्छा जताई। उपायुक्त ने तुरंत संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए इच्छुक बुजुर्गों के लिए मैच देखने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। वहीं पिछली मुलाकात में बुजुर्गों की पसंद को याद रखते हुए उपायुक्त इस बार अपने साथ मिठाइयां भी लेकर पहुंचे। उन्होंने स्वयं बुजुर्गों को मिठाई खिलाई और उनके साथ आत्मीय पल भी साझा किए।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर चिकित्सकीय सुविधा, पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, जलजमाव की स्थायी निकासी, चापाकल की स्थापना, हरित वातावरण के संरक्षण तथा बेहतर बिजली और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बुजुर्ग को सम्मानजनक, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
वृद्धाश्रम के निरीक्षण के बाद उपायुक्त ने वन स्टॉप सेंटर का भी दौरा किया। यहां महिलाओं के लिए उपलब्ध आवासीय सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
