रांची: जिला दुर्गा पूजा समिति की ओर से ओसीसी क्लब दुर्गा पूजा समिति के पंडाल परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पूजा समितियों के आयोजकों के साथ विचार-विमर्श के बाद पंडालों के पट खोलने और प्रतिमा विसर्जन की तिथियों को लेकर अंतिम निर्णय लिया गया। निर्णय के अनुसार, प्रमुख पूजा पंडालों के पट 14 अक्टूबर से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे, जबकि 21 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे से प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू किया जाएगा।

बैठक की अध्यक्षता रांची जिला दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने की। कुंदन सिंह ने बैठक का संचालन किया। बैठक में पूजा समितियों के प्रतिनिधियों ने आयोजन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और सामूहिक रूप से कार्यक्रम की रूपरेखा तय की।

अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा कि जिन पूजा पंडालों में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, वहां 14 अक्टूबर से ही दर्शन की व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया गया है। भारतीय युवक संघ, बकरी बाजार, रामलला दुर्गा पूजा समिति, ओसीसी दुर्गा पूजा समिति, रांची रेलवे स्टेशन दुर्गा पूजा, ज्योति संगम और राजस्थान मित्र मंडल समेत अन्य प्रमुख पंडाल इस व्यवस्था में शामिल हैं।

मुख्य संरक्षक मुनचुन राय ने कहा कि रांची नगर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की पूजा समितियां भी 21 अक्टूबर को विसर्जन को लेकर एकमत हैं। उन्होंने बताया कि इस बार शहर में कई आकर्षक पूजा पंडाल तैयार किए जा रहे हैं, जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

बैठक में भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। महिलाओं और बच्चों की सुविधा के लिए पूजा पंडालों में आवश्यक इंतजाम करने पर भी चर्चा हुई।

बैठक में अशोक चौधरी, अशोक पुरोहित, राहुल अग्रवाल, आलोक साहू, कुंदन सिंह, अरविंद शाह, राजकुमार महतो, प्रकाश साहू, संजय कुमार सिंह, राजेश दास, दिलीप सोनी, सोनू भारद्वाज, अभिनंदन चौधरी, मनीष श्रीमाली, राहुल कुमार, देवाशीष दत्ता, दीपक कुमार सिंह, किशन कुमार मोदी, रोशन सिंह, अंकित गुप्ता, प्रखर लोहिया, आशीष घोष, राजेश कुमार, विवेक सिंह, स्वतंत्र गुप्ता, सुरेश कुमार शर्मा, संजू राय, श्याम, सुभाजित, सूरज कुमार सिंह, सूर्यांश, सुब्रत, अभिनव, सिद्धार्थ श्रीवास्तव, विकास कुमार, ए.के. प्रसाद, मनीष घोष, बंटी, बादल सिंह, पार्थो, मुनेश्वर साहू, दुर्गा साहू और बिंदल वर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।