ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा में मिला पहला स्थान
रामगढ़: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में रामगढ़ जिले ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी राज्य में बाजी मार ली है। ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार की राज्य स्तरीय समीक्षा में रामगढ़ को सर्वोच्च स्थान प्राप्त हुआ है।
जिले को 25.34 लाख मानव दिवस सृजन का लक्ष्य मिला था, जिसे शत-प्रतिशत पूरा किया गया। महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी उल्लेखनीय काम हुआ। कुल रोजगार का 53 प्रतिशत महिलाओं को दिया गया।
उपलब्धियों में बिरसा सिंचाई कूप योजना के तहत 2021 कूपों का निर्माण, मनरेगा श्रमिकों की e-KYC का शत-प्रतिशत काम और NMMS के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करना शामिल है। जिले ने 2529 लाभुकों को 100 दिन का रोजगार देकर राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया। मजदूरी का भुगतान भी 15 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया गया।
मनरेगा के अभिसरण से प्रधानमंत्री आवास, अबुआ आवास और अंबेडकर आवास योजना के लाभुकों को समय पर आवास मिला। बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत लगभग 4.5 हजार एकड़ में आम की बागवानी की गई। इसी का नतीजा है कि जिले से लगभग 6 टन आम का विदेशों में निर्यात भी हुआ। यह सम्मान परियोजना पदाधिकारी मनरेगा अनुजा राणा ने सचिव ग्रामीण विकास मनोज कुमार और मनरेगा आयुक्त मृत्युंजय बरनवाल से ग्रहण किया।
उपायुक्त और उप विकास आयुक्त ने सभी पदाधिकारियों, कर्मियों और श्रमिकों को बधाई देते हुए कहा कि टीमवर्क और समयबद्ध क्रियान्वयन से ही यह सफलता मिली है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में भी रामगढ़ राज्य के लिए आदर्श बना रहेगा।
