संस्था की आड़ में हो रहे फर्जीवाड़े का हुआ भंडाफोड़

रांची: सिमडेगा पुलिस ने नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी करनेवाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह के सरगना समेत 6 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वीएसके फाउंडेशन संस्था की आड़ में ठगी का गोरखधंधा चल रहा था। जिसमें नौकरी दिलाने के नाम पर 40 हजार से लेकर तीन लाख तक की सिक्योरिटी मनी ऐंठा जा रहा था।

सिमडेगा एसपी श्रीकांत एस. खोटरे ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि वीकेएस फाउंडेशन संस्था की आड़ में नौकरी का झांसा देकर रुपये ऐंठने को लेकर बानो थाना में कांड संख्या 27/26 और कुरडेग थाना में कांड संख्या 36/26 दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक रणवीर सिंह और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी धर्मदेव पासवान के नेतृत्व में विशेष ठीम का गठन किया गया। अनुसंधान के क्रम में छानबीन करते हुए दो महिला समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों में अशोक साईं, ओमप्रकाश, कुंदन शर्मा, कुशल केरकेट्टा, सरोज केरकेट्टा, गौरती केरकेट्टा शामिल हैं।

एसपी ने बताया कि वीकेएस फाउंडेशन के नाम से नारी पेड सेवा और बाल-जननी शिक्षा अभियान जैसी योजनाओं के तहत नौकरी देने का प्रचार किया जा रहा था। जिसमें स्टेट हेड के लिए 3 लाख रुपये, डिस्ट्रिक्ट हेड के लिए 1.5 लाख रुपये, ब्लॉक कोर्डिनेटर के लिए 60 हजार रुपये और सेंटर इंचार्ज के लिए 40 हजार रुपए बतौर सिक्युरिटी मनी ऐंठे जा रहे थे। कथित नियुक्ति के बाद भी अलग-अलग मदों के नाम पर पैसे मांगे जा रहे थे।

उन्होंने बताया कि आरोपियों द्वारा तकरीबन 5 से 6 करोड़ की ठगी करने का अनुमान है। मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए गए हैं। जिनके आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच होगी। वसूली गई रकम और उससे बनाई गई संपत्ति की पहचान कर जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी है। फिलहाल अनुसंधान जारी है।

एसपी ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि लोकलुभावन‌ विज्ञापनों और प्रचार के धोखे में न पड़ें। नौकरी के नाम पर किसी संस्था या व्यक्ति को रकम देने से पहले वैधता और विश्वसनीयता की परख जरूर करें।