मांडर (रांची)। मांडर प्रखंड के सुरसा और मुड़मा क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर विवाद गहरा गया है। लगभग 30 से 35 ग्रामीणों के नाम पर फॉर्म-7 के तहत आपत्ति दर्ज कराए जाने के बाद बीएलओ द्वारा उनके घरों पर नोटिस भेजा गया है। नोटिस मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश है मताधिकार छिनने को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से अपने पैतृक गांव में निवास कर रहे हैं और उनके पास आधार कार्ड, वोटर कार्ड समेत सभी वैध पहचान पत्र मौजूद हैं। इसके बावजूद एक साथ इतनी बड़ी संख्या में आपत्ति दर्ज होने से उन्हें मतदाता सूची से नाम हटाने की साजिश की आशंका है।

इसे लेकर सुरसा-मुड़मा अंजुमन कमेटी के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीण मंगलवार को मांडर अंचल कार्यालय पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने अंचलाधिकारी (CO), मांडर और थाना प्रभारी, मांडर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि फॉर्म-7 दाखिल करने वालों की पहचान और आपत्ति के कारणों की जांच हो, बिना साक्ष्य के गलत आपत्ति दर्ज कराने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई हो, नोटिस पाने वाले सभी पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बरकरार रखे जाएं।

अंजुमन कमेटी ने आरोप लगाया कि एक साथ 30-35 लोगों पर फॉर्म-7 लगना सामान्य प्रक्रिया नहीं है। यह गंभीर मामला है। कमेटी ने मांग की है कि आपत्ति दर्ज कराने वाले आवेदकों की पहचान सार्वजनिक की जाए और उनके दावों के आधार की जांच की जाए। वहीं सीओ ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि किसी भी वैध मतदाता का नाम बिना सुनवाई और नियमानुसार प्रक्रिया पूरी किए नहीं हटाया जाएगा। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं थाना प्रभारी ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की।

ज्ञापन देनेवालों में अजबुल अंसारी, फिरोज आलम, शमीम अख्तर, शमशेर आलम, मो. एनाउल्लाह, एकराम अंसारी, संजर अली, परवेज आलम, अयुब अंसारी, इम्तियाज अंसारी, शाहिद अंसारी, आलम अंसारी, आबिद अंसारी, मो. सुलयान नदवी, नूर आलम, मजहरूल हक, सुल्तान अंसारी, इरशाद अंसारी सहित अन्य शामिल थे।