रांची: करम पर्व की पूर्व संध्या पर सोमवार को चान्हो प्रखंड का पोढ़ाटोली गांव पारंपरिक और सांस्कृतिक रंग में सराबोर रहा। सरना बाल विकास उच्च विद्यालय परिसर में सरना समिति चान्हो की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में विभिन्न गांवों से आए खोड़हा दलों ने मांदर की थाप पर पारंपरिक नृत्य और गीतों की प्रस्तुति दी। ढोल-मांदर और नगाड़ों की गूंज से पूरा परिसर गूंज उठा। महिलाओं और युवतियों की टोलियों ने करम गीतों पर नृत्य कर दर्शकों का मन मोह लिया।

समारोह की मुख्य अतिथि कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की रहीं। उन्होंने भी खुद को रोक नहीं सकीं और कलाकारों के साथ पारंपरिक नृत्य में शामिल हो गईं।

अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि करम सिर्फ पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और सामुदायिक एकता का प्रतीक है। यह पर्व हमें जल, जंगल और जमीन से जोड़ता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी भाषा, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखें और उसके संरक्षण में भागीदारी निभाएं।

अवसर पर सरना समिति के शिव उरांव, महादेव उरांव, एतवा उरांव, मोरहा उरांव, चरवा उरांव, मन्ना उरांव, मारवाड़ी उरांव समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और विभिन्न खोड़हा दलों के सदस्य मौजूद रहे।