Jharkhand Tanzim raises questions regarding the SIR process demands an extension of the deadline and simplification of the procedure

 

रांची: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर झारखंड में राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की सक्रियता बढ़ गई है। इसी क्रम में झारखंड तंजीम के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। संगठन ने दावा-आपत्ति की प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ इसकी समयसीमा बढ़ाने की मांग रखी।

तंजीम का कहना है कि पुराने मतदाता रिकॉर्ड और वर्तमान दस्तावेजों में नाम, उपनाम, जाति तथा जन्मतिथि से जुड़े अंतर के कारण बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी हो रही है। संगठन के अनुसार, ऐसे मामलों में दस्तावेजों का मिलान और दावा-आपत्ति की सुनवाई पूरी करने के लिए पर्याप्त समय मिलना जरूरी है।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व तंजीम अध्यक्ष शमशेर आलम ने किया। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि पुराने मतदाता रिकॉर्ड में नाम और फोटो से जुड़ी कई विसंगतियां हैं। उनके अनुसार, पुराने रिकॉर्ड तैयार होने के समय आधार से सत्यापन या लिंक की व्यवस्था भी नहीं थी। ऐसे में वर्तमान दस्तावेजों के आधार पर मतदाताओं की पहचान प्रक्रिया को सहज बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने पड़ोसी राज्य में हुए SIR का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि विदेशी नागरिकों की पहचान के नाम पर मुसलमानों को निशाना बनाए जाने की आशंका है। उन्होंने निर्वाचन विभाग से ऐसी किसी भी स्थिति को रोकने और प्रभावित लोगों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की।

तंजीम ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी और आम लोगों के लिए आसान होनी चाहिए। संगठन ने स्पष्ट किया कि मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वह आगे भी अपनी आवाज उठाएगा।