रांची: झारखंड के स्थानीय उत्पादों को नई पहचान देने के लिए गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक और बेहतर ब्रांडिंग पर जोर देना होगा। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने गुरुवार को मोरहाबादी मैदान में ‘एक्सपो उत्सव 2026’ के उद्घाटन के दौरान कहा कि राज्य के उत्पादों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने की क्षमता है।
राज्यपाल ने कहा कि तसर सिल्क झारखंड की विशिष्ट पहचान है, लेकिन कई अन्य स्थानीय उत्पाद और पारंपरिक हुनर भी बड़े बाजार की संभावनाएं रखते हैं। बेहतर डिजाइन और आधुनिक तकनीक के साथ इन उत्पादों की प्रभावी मार्केटिंग जरूरी है।
उन्होंने युवाओं से नए विचारों को उद्यम में बदलने की अपील की। कहा कि मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग और अवसर मिलने पर युवा रोजगार लेने के बजाय रोजगार देने वाले बन सकते हैं। इससे राज्य में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।

एक्सपो उत्सव 2026 में इस बार देश-विदेश के उत्पादों की बड़ी रेंज देखने को मिल रही है। सात दिनों तक चलने वाले इस मेले में करीब 400 स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें विदेशी ड्राय फ्रूट्स, बच्चों के खिलौने, ऑटोमोबाइल्स, बड़े ब्रांड और स्टार्टअप के उत्पाद आकर्षण का केंद्र हैं।
आयोजकों के अनुसार, एक्सपो में देश के अलग-अलग शहरों से कंपनियां और कारोबारी हिस्सा ले रहे हैं। एक्सपो के चीफ कोऑर्डिनेटर जेसी एचजीएफ सीए प्रशांत पाटोदिया ने बताया कि मेले में ऑटोमोबाइल्स से लेकर विभिन्न उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं। देश की नामचीन कंपनियों की भी इसमें भागीदारी है।
एक्सपो के मीडिया प्रभारी जेसी वरुण जालान के मुताबिक, पंचरत्न स्काईलाइन, टैंगो, अल्पाइन और गृहस्थी समेत कई प्रमुख कंपनियां इस आयोजन में शामिल हुई हैं। मेले में खरीदारी के साथ मनोरंजन और प्रतियोगिताओं की भी व्यवस्था की गई है।
आयोजन के दौरान जूनियर मास्टरशेफ, चित्रकला, ट्रेजर हंट, तंबोला, डॉग शो, वॉइस ऑफ एक्सपो, एक्सपो टैंक, डांस और योग प्रतियोगिताएं होंगी। आम लोगों के लिए प्रवेश शुल्क 30 रुपये निर्धारित किया गया है। टिकट की ऑनलाइन बुकिंग की जा सकती है। शनिवार को मेला रात 9 बजे से मध्यरात्रि 12 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुला रहेगा।
