रांची: अंजुमन इस्लामिया सभागार में बुधवार को रांची जिला मोमिन कॉन्फ्रेंस का एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें समाज के शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों को लेकर चर्चा के बाद 11 सूत्री प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।

प्रस्ताव में अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, उर्दू शिक्षकों की बहाली, राज्य अल्पसंख्यक आयोग, मदरसा शिक्षा बोर्ड और उर्दू अकादमी के गठन की मांग की गई। इसके अलावा मॉब लिंचिंग के खिलाफ प्रभावी कानून, एसआईआर में पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने, आरक्षण में उचित प्रतिनिधित्व, वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा, बुनकरों के कल्याण और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष फिरोज अहमद अंसारी ने कहा कि समाज की मजबूती का आधार शिक्षा और संगठन है। उन्होंने युवाओं को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की ओर बढ़ाने का आह्वान किया।

कांके विधायक सुरेश कुमार बैठा ने 11 सूत्री मांगों को राज्य सरकार तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए पहल का आश्वासन दिया। प्रदेश अध्यक्ष आबिद अली अंसारी, कार्यकारी अध्यक्ष मंजूर अहमद अंसारी और राष्ट्रीय महासचिव सगीर अंसारी ने पंचायत व प्रखंड स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर दिया।

अध्यक्षता जिला अध्यक्ष शमीम अख्तर आजाद ने की, जबकि संचालन यूनुस अहमद अंसारी ने किया। सम्मेलन में रेशमा बेगम, अख्तरी बेगम, असगरी खातून, फातिमा खातून, नसरीन खातून, सरवरी परवीन, सलामत अंसारी, आजाद अंसारी, मंजूर अंसारी, मो. सलीम अंसारी, नवाज अंसारी, रहमतुल्ला अंसारी, मुस्तफा अंसारी, मोख्तार अंसारी, हुसैन अंसारी, शफीक अंसारी, जसीम अंसारी, कमरुल हक, तौहीद आलम, अब्दुस सलाम, मोहसिन अंसारी, अल्ताफ आलम और मुर्शीद अमीन समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए।