जेबा परवीन हत्याकांड का खुलासा, न्यायिक हिरासत में भेजे गए जीजा-साली 

रामगढ़: कुज्जू ओपी क्षेत्र अंतर्गत रउता के रौशन नगर में संदिग्ध परिस्थिति में मिली महिला के शव के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस हत्याकांड में मृतका के पति और उसकी साली को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार बीते 17 अक्टूबर को कुजू ओपी को सूचना मिली थी कि रौता रौशन नगर में एक महिला का शव उसके घर पर संदिग्ध परिस्थिति में पड़ा है। सूचना पर कुजू ओपी पुलिस ने जेबा परवीन के शव को कब्जे में लेकर मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया और एफएसएल टीम रांची से घटनास्थल की जांच कराई।

घटना के दूसरे दिन 18 अक्टूबर 2026 को मृतका के भाई मो. इमरान ने अपनी बहन जेबा परवीन की षडयंत्र के तहत हत्या करने का आरोप लगाते हुए मृतका के पति गुलाम सरवर उर्फ रंजन और ससुर मो. नाजीर सहित अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। 

कांड की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रामगढ़ मुकेश कुमार लुनायत ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रामगढ़ के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया। गठित एसआईटी ने मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कांड के प्राथमिक अभियुक्त गुलाम सरवर उर्फ राजन, उम्र करीब 37 वर्ष, पिता मो. नाजीर, पता रौशन नगर रौता, नईसराय, थाना मांडू (कुजू), जिला रामगढ़ को पकड़ा।

पूछताछ में अभियुक्त ने अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए बताया कि उसका अपनी साली नेहा परवीन से अवैध संबंध था और इस बात की जानकारी उसकी पत्नी जेबा परवीन को हो गई थी। इसी बात को लेकर दिनांक 17 अक्टूबर को घर में पत्नी, साली और उसके बीच नोंक-झोंक, लड़ाई-झगड़ा और मारपीट हुई, इसी क्रम में उसने जेबा परवीन का सिर दीवार में जोर से पटक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

इसके बाद पुलिस ने अप्राथमिकी अभियुक्ता नेहा परवीन, उम्र करीब 32 वर्ष, पिता मो. सलाम, निवासी नयीसराय जिला रामगढ़ को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने भी कांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए अपने जीजा के साथ मिलकर घटना को अंजाम देने की बात बताई। दोनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा दिया गया है।

पुलिस टीम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आलोक रंजन, कुजू ओपी प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह, पुअनि अरविंद कुमार, सहायक अवर निरीक्षक राजेश कुमार, महिला पुलिस अवर निरीक्षक सुकमनी सदलबल शामिल थे।