• स्थानीय लोगों ने प्रमुखता से उठाई पुनर्वास और रोजगार की मांग 

• सीसीएल और आउटसोर्सिंग कंपनी ने दिलाया भरोसा 

रामगढ़: सीसीएल बरका-सयाल अंतर्गत केके पंचायत में शनिवार को  झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के द्वारा पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु लोक सुनवाई आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता रामगढ़ अनुमंडल पदाधिकारी कृष्ण मुरारी तिर्की और संचालन सीसीएल बरका-सयाल क्षेत्रीय पर्यावरण पदाधिकारी रमण नितेश ने किया। लोक सुनवाई में झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रांची के सहायक पर्यावरण अभियंता सुमित झा, क्षेत्रीय कार्यालय के हजारीबाग के फलेश्वर किस्कू, अंचलाधिकारी पतरातू मनोज चौरसिया, सीसीएल बरका-सयाल महाप्रबंधक रंजय सिन्हा, केके पंचायत मुखिया रीता देवी, महाप्रबंधक (संचालन) सीसीएल बरका-सयाल क्षेत्र दिलीप कुमार, महाप्रबंधक (पर्यावरण) सीसीएल मुख्यालय रांची संगीता कुमारी, झामुमो नेता संजीव बेदिया, अंबे माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के जीएम सुमित चटर्जी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय महिला-पुरूष शामिल रहे। 

अवसर पर स्थानीय लोगों को खास कर्णपुरा परियोजना के तहत होने वाले खनन कार्य से अवगत कराया गया। बताया गया कि नये प्रस्तावित परियोजना में 33लाख 75 हजार टन कोयला प्रतिवर्ष उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित है। वर्तमान प्रस्ताव में एमडीओ मोड के तहत खास कर्णपुरा माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालन किया जाएगा। यहां 30 मिलियन टन कोयले का भंडार उपलब्ध है। परियोजना में खुली खदान विधि के साथ 24 मिलियन और हाईवाल माइनिंग के माध्यम से 6 मिलियन टन उत्पादन का प्रस्ताव है। परियोजना की अनुमानित आयु तकरीबन 15 वर्ष है। यहां 600 लोगों को प्रत्यक्ष और 2500 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त होने की अपेक्षा है। 

लोक सुनवाई में आगे प्रस्तावित परियोजना से प्रभावित होनेवाले स्थानीय लोगों से उनकी समस्या, शिकायतें और सुझाव लिए गए। इस दौरान अधिकांश लोगों ने उजाड़ने से पहले पुनर्वास की व्यवस्था और रोजगार देने की मांग प्रमुखता से रखीं। साथ ही सभी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की मांग की गई। वहीं लोक सुनवाई के दौरान सीसीएल द्वारा वर्षों पहले अधिग्रहित की गई जमीन से संबंधित नौकरी और मुआवजे के लंबित मामलों की शिकायत भी की गई। 

स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए सीसीएल बरका-सयाल प्रक्षेत्र के महाप्रबंधक रंजय सिन्हा ने कहा कि यहां जिस कंपनी को कार्य दिया गया है, उसे कार्यों को देखने की जिम्मेदारी हमारी भी है। कंपनी अपनी आरआर पॉलिसी के तहत ही काम करना होगा। यहां आप लोगों के सहयोग और विचार-विमर्श करके ही कोई काम आगे बढ़ेगा। 

अपने संबोधन में पंचायत की मुखिया रीता देवी ने कहा कि यहां वर्षों पहले कोलियरी बंद हो गई। आज भी यहां बड़ी संख्या में लोग रह रहे हैं और काफी मुश्किलों से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। यहां के लोगों को उजाड़ने से पहले पुनर्वास और रोजगार की व्यवस्था करनी होगा। बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करानी होगी। यहां के लोगों को उनका अधिकार देना होगा

वहीं आउटसोर्सिंग कंपनी के जीएम सुमित चटर्जी ने कहा कि कंपनी किसी की हाय लेकर काम नहीं करेगी। एक-एक व्यक्ति का पुनर्वास और योग्यतानुसार काम देकर ही कंपनी कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि बाहरी लोगों की सलाह से कोई काम नहीं किया जाएगा। सीएसआर सहित अन्य मदों से यहां हर संभव विकास कार्य भी सुनिश्चित किया जाएगा। 

लोक सुनवाई के अंतिम चरण में स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए रामगढ़ अनुमंडल पदाधिकारी कृष्ण मुरारी तिर्की ने कहा कि विकास अवश्य होना चाहिए, लेकिन स्थानीय बाशिंदों को रोजगार देना भी अनिवार्य है। इसके साथ ही उन्हें वो सभी सुविधाएं जरूर मिलनी चाहिए जिनके वे हकदार हैं। सभी के सामंजस्य से काम होना चाहिए।

इसके साथ ही शांतिपूर्ण माहौल में साकारात्मक तरीके से लोक सुनवाई सम्पन्न हुई। सीसीएल बरका-सयाल प्रक्षेत्र के पर्यावरण पदाधिकारी रमण नितेश ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए लोक सुनवाई का विधिवत समापन किया।