रांंची: झारखंड विधानसभा के 23वें स्थापना दिवस पर बुधवार को समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य रूप से राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधानसभा स्पीकर रबिंद्रनाथ महतो शामिल रहे। समारोह का उद्घाटन राज्यपाल, मुख्यमंत्री और स्पीकर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया।
समारोह में आगे विधायक रामचंद्र सिंह को बिरसा मुंडा उत्कृष्ट विधायक सम्मान ने सम्मानित किया गया। वहीं विधानसभा के कर्मियों, शहीद पुलिस कर्मियों के परिजनों, खिलाड़ियों और सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देनेवाले लोगों को भी सम्मानित किया गया।

झारखंड विधानसभा राज्य की सर्वोच्च पंचायत: हेमंत सोरेन

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड  विधानसभा राज्य की सर्वोच्च पंचायत। जहां आम लोगों के लिए नीतियां बनती हैं। लोग उम्मीदों और विश्वास के साथ जनप्रतिनिधि चुनकर यहां भेजते हैं। जो यहां आम लोगों की बातें रखते हैं। यहीं नीतियां बनती हैं और विधेयक पारित होते हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष को बेहद संवेदनशीलता के साथ विधानसभा को चलाना चाहिए।

वहीं राज्यपाल सीपी राधाकृष्ण ने कहा कि झारखंड विधानसभा का गौरवशाली इतिहास रहा है। विधानसभा भवन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया है। जिसके लिए उनका आभार प्रकट करता हूं। कहा कि झारखंड राज्य प्राकृतिक संपदाओं से भरा-पूरा है।   विधानसभा में सभी को अपना दायित्व इमानदारी से निभाते हुए राज्य के विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। राज्य के लोगों की भलाई के लिए दलगत भावना से उपर उठकर सोचना चाहिए ।

वहीं स्पीकर रबिंद्रनाथ महतो ने कहा कि पिछले चार वर्षों में विधानसभा सत्र में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। जिसमें सरना धर्म कोड, आरक्षण संशोधन विधेयक 2022 और झारखंडी स्थानीय व्यक्ति की परिभाषा और नियोजन संबंधित विधेयक भी शामिल हैं। कहा कि बहुमत से जीतकर आनेवाली सरकार जनता से मुंह नहीं मोड़ सकती। जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही होती है। विधानसभा में सरकार से सवाल होते हैं। ताकि राज्य की जनता के हित के काम होते रहें।