रामगढ़: पतरातू प्रखंड के तालाटांड़ पंचायत भवन में पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन पर मंगलवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय एमएसएमई विकास कार्यालय, रांची द्वारा आयोजित कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में जिला प्रबंधक देवनारायण उरांव उपस्थित रहे। वहीं कार्यक्रम में 110 से अधिक कारीगरों और पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात कार्यक्रम समन्वयक एवं सहायक निदेशक, एमएसएमई विकास कार्यालय, राँची श्री गौरव ने अतिथियों का शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों द्वारा निर्मित उत्पादों को उचित पहचान दिलाने, उनकी ब्रांडिंग एवं प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने तथा डिजिटल माध्यमों से व्यापक बाजार तक उनकी पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
इस दौरान जिला उद्यमी समन्वयक रामगढ़ अंजन बाड़ा ने राज्य सरकार की विभिन्न एमएसएमई एवं उद्यमिता संबंधी योजनाओं की जानकारी दी। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB), पतरातू के अमित कुमार ने डिजिटल भुगतान तथा क्यूआर कोड के माध्यम से सुरक्षित एवं सुविधाजनक लेन-देन के लाभों से प्रतिभागियों को अवगत कराया।
बैंक ऑफ इंडिया के सुरेंद्र कुमार ओझा और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पतरातू के अविनाश कुमार मुर्मू ने कारीगरों एवं शिल्पकारों को उपलब्ध विभिन्न बैंकिंग सुविधाओं, ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा वित्तीय सहायता के माध्यम से पारंपरिक व्यवसाय को आगे बढ़ाने के अवसरों की जानकारी दी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े GeM के बिजनेस फैसिलिटेटर सुबोध कांत ने सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल पर पंजीकरण एवं ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया समझाई और बताया कि पोर्टल के माध्यम से कारीगर अपने उत्पादों को सरकारी खरीद बाजार तक पहुँचा सकते हैं। इसके साथ ही रामगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज के कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष प्रो. असीम कुमार ने उत्पादों के डिजाइन, नवाचार, प्रचार सामग्री तैयार करने तथा व्यवसाय के विस्तार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं ChatGPT जैसी आधुनिक तकनीकों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
ऑनलाइन माध्यम से जुड़े सभ्याशा रिटेल टेक प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं CEO शशांक शेखर पात्रो ने डिजिटल मार्केटिंग, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग तथा उत्पादों की व्यापक बाजार तक पहुँच सुनिश्चित करने के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों के उचित उपयोग से कारीगर अपने पारंपरिक व्यवसाय का विस्तार कर सकते हैं।
अवसर पर मुख्य अतिथि देवनारायण उरांव ने पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया, बैंकिंग औपचारिकताओं तथा उपलब्ध वित्तीय सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं और कारीगरों से आत्मनिर्भर बनने की अपील की।

