रामगढ़: भुरकुंडा थाना अंतर्गत जवाहर नगर में बीते 23 अक्टूबर को ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम के दौरान गहमागहमी के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर दो स्थानीय युवकों ने रामगढ़ उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को आवेदन दिया है। जिसमें आयोजक के कहने पर पुलिस कर्मियों द्वार ओपी ले जाकर मारपीट करने की शिकायत की गई है।

शिकायतकर्ता जवाहर नगर निवासी सुनील कुमार (29 वर्ष) पिता सूरज गोसाईं और विशाल रजवार (33 वर्ष) पिता स्व. बीरेन रजवार द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार दुर्गा पूजा के उपरांत 23 अक्टूबर की रात जवाहर नगर स्थित दुर्गा मंडप में ऑर्केस्ट्रा का आयोजन किया गया था। आयोजन को लेकर स्थानीय निवासियों से परामर्श और प्रशासन की अनुमति तक नहीं ली गई थी।

आवेदन में कहा गया है कि विगत 10 महीनों में मंडप के मुख्य पुजारी सहित 5 लोगों के निधन के कारण स्थानीय लोगों में ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम को लेकर असहमति थी। आश्वासन दिया गया था कि विजयादशमी के बाद धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। 23 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे भक्ति गीतों से कार्यक्रम शुरू हुआ, लेकिन रात 10:30 बजे के बाद भोजपुरी गीतों पर फूहड़ नृत्य और नोट फेंकने जैसी गतिविधियां शुरू हो गई। जिसका वीडियो उपलब्ध होने का भी दावा किया गया है।

युवकों का आरोप है कि आपत्ति जताने पर आयोजकों ने वहां तैनात पुलिसकर्मियों से उन्हें हटाने को कहा। जिसके बाद पुलिस कर्मी मारपीट और धर-पकड़ करने लगे। विशाल रजवार का आरोप है कि मारपीट में शामिल पुलिस कर्मी धमकी देने लगा। जिसके बाद वह अपने घर की तरफ चला गया। इसपर पुलिस कर्मी घर में जबरन प्रवेश करने का प्रयास करने लगे, जबकि उस समय घर में उसके दिवंगत पिता के तेरहवीं संस्कार में शामिल परिवार के पुरूष सहित महिला सदस्य भी मौजूद थीं।

वहीं दूसरे शिकायतकर्ता सुनील कुमार का आरोप है कि आयोजक के कहने पर दो पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़ कर पुलिस वाहन में बैठा लिया और रास्ते में पिटाई करते हुए। जबकि स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो में सब कुछ स्पष्ट दिखने का दावा किया गया है।

शिकायतकर्ताओं ने मांग करते हुए कहा है कि घटना में शामिल पुलिसकर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए। उपलब्ध वीडियो, थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित कर जांच में शामिल किया जाए। साथ ही धमकियों के मद्देनजर उन्हें और उनके परिवारों को किसी भी प्रकार के प्रतिशोधात्मक कृत्य से सुरक्षा दी जाए। आवेदन के साथ इंज्यूरी रिपोर्ट, फोटोग्राफ, वीडियो साक्ष्य और स्थानीय लोगों के हस्ताक्षर संलग्न होने का भी उल्लेख किया गया है। आवेदन में कई स्थानीय लोगों के भी हस्ताक्षर हैं। 

 

फोटो: 23 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम की तस्वीर