प्रतिभाओं को निखारने में महत्वपूर्ण कड़ी बनेगी प्रतियोगिता: बंधु तिर्की 

रांची: आदिवासी छात्र-छात्राओं में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए भारत रत्न राजीव गांधी प्रतियोगिता परीक्षा-2026 का आयोजन किया जाएगा। झारखंड सरकार की समन्वय समिति के सदस्य एवं पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने शुक्रवार को अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी।

बंधु तिर्की ने बताया कि रांची के विभिन्न छात्रावासों में राज्य के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आए सैकड़ों आदिवासी विद्यार्थी रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। इन विद्यार्थियों में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन कई बार झारखंड के आदिवासी समाज, स्वतंत्रता सेनानियों और राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों से जुड़ी जानकारी का अभाव उनके लिए चुनौती बन जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षाविदों के साथ मिलकर इस परीक्षा के आयोजन का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने बताया कि यह परीक्षा रांची विश्वविद्यालय में आयोजित की जाएगी और विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने पर शहर के अन्य कॉलेजों को भी परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। इसमें इंटरमीडिएट से लेकर उच्च शिक्षा तक के आदिवासी छात्र-छात्राएं फॉर्म भरकर शामिल हो सकेंगे। प्रश्न पत्र में 150 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के साथ-साथ सब्जेक्टिव और लघु उत्तरीय प्रश्न भी पूछे जाएंगे। परीक्षा में झारखंड की कला-संस्कृति, संविधान, पांचवीं अनुसूची, पेसा कानून, जल-जंगल-जमीन और राज्य के ऐतिहासिक स्थलों से जुड़े सवाल शामिल होंगे।

परीक्षा के आधार पर मेरिट में आने वाले शीर्ष 20 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा, जिनमें 10 छात्र और 10 छात्राएं होंगी। चयनित विद्यार्थियों को अधिकतम 50 हजार रुपये तक की पुरस्कार राशि और सम्मान प्रदान किया जाएगा। परीक्षा के सफल आयोजन के लिए 20 सदस्यीय टीम का गठन भी किया गया है। प्रतियोगिता से संबंधित तारीख, फॉर्म और सिलेबस की जानकारी जल्द साझा की जाएगी।