हजारीबाग: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कोयला चोरी, खनिजों पर उपकर और डीएमएफटी राशि के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया। हजारीबाग परिसदन में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और एमएमडीआर संशोधन को लेकर भाजपा का पक्ष रखा।
साहू ने आरोप लगाया कि राज्य में बड़े पैमाने पर कोयले की चोरी हो रही है। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा की सुरक्षा के लिए खनन क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है। चतरा, लातेहार, दुमका और गोड्डा समेत अन्य जिलों में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के लिए केंद्र से आग्रह किए जाने की बात भी उन्होंने कही।
खनिजों पर उपकर को लेकर साहू ने कहा कि झारखंड में कोयले पर 450 रुपये और लौह अयस्क पर 600 रुपये प्रति टन की दर से उपकर लिया जा रहा है। उनका दावा है कि इससे खनिज आधारित कारोबार की लागत बढ़ रही है और कारोबारी पड़ोसी राज्यों से खनिज खरीदने की ओर बढ़ रहे हैं।
डीएमएफटी राशि के इस्तेमाल पर भी उन्होंने सवाल उठाया। साहू ने आरोप लगाया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए उपलब्ध राशि का अपेक्षित उपयोग नहीं हो रहा है। इन आरोपों पर राज्य सरकार या संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया तत्काल सामने नहीं आई।
एमएमडीआर संशोधन कानून पर साहू ने कहा कि भाजपा 30 सितंबर तक राज्यभर में जागरूकता अभियान चला रही है। इस दौरान लोगों को कानून के प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। वहीं, झामुमो संशोधन का विरोध कर रहा है और इसे राज्यों के खनिज अधिकार व राजस्व हितों से जोड़कर सवाल उठा रहा है।
