गिद्दी (हजारीबाग): गिद्दी चौक पर शनिवार को भाकपा माले ने श्रमिक कॉमरेड मिथिलेश सिंह की प्रथम पुण्यतिथि श्रद्धा और संकल्प के साथ मनाई। इससे पूर्व टेहराटांड से जुलूस के रूप में कार्यकर्ता गिददी गुरुद्वारा होते हुए गिददी चौक पहुंचे। जहां कामरेड मिथिलेश के चित्र पर उनकी पत्नी, बेटी और बेटे ने पुष्प अर्पित किया। इसके भाकपा माले के पूर्व विधायक विनोद सिंह, राज्य सचिव मनोज भगत, बीसीकेयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष धानेश्वर तुरी, केंद्रीय कमेटी सदस्य आरडी मांझी, जिला सचिव पच्चू राणा, राजेंद्र गोप, शहीद अंसारी, तुफानी राम समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने पुष्प अर्पित कर एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक विनोद सिंह ने कहा कि कामरेड मिथिलेश ने किसान-मज़दूर आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई। हक-अधिकार की लड़ाई में उन्होंने जेल भी काटी। वामपंथी विचारधारा से ही राज्य और देश का विकास संभव है। आज महंगाई चरम पर है और आर्थिक संकट के बादल मंडरा रहे हैं। ऐसे में मज़दूरों को संगठित होकर लड़ाई तेज करनी होगी।
वहीं बीसीकेयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष धानेश्वर तुरी ने कहा कि कोयलांचल में कामरेड मिथिलेश ने मज़दूरों के हक के लिए समर्पित भाव से आवाज़ उठाई। उनके सपनों को साकार करना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। राज्य सचिव मनोज भगत ने भी उनके योगदान को याद किया।
केंद्रीय कमेटी सदस्य आरडी मांझी ने कहा कि झारखंड बनने के बाद भी किसान-मज़दूर रोजगार की समस्या से जूझ रहे हैं। देश में भय, भूख, भ्रष्टाचार बढ़ा है। अब वामपंथी दलों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। कार्यक्रम को जिला सचिव पच्चू राणा, राजेंद्र गोप, शहीद अंसारी और अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। मिथिलेश सिंह ने फर्श से अर्श तक का संघर्ष कर मज़दूरों में अपनी पहचान बनाई थी। आज उनकी कमी हर आंदोलन में खलती है।
सभा की अध्यक्षता अशोक गुप्ता और संचालन सुन्दरलाल बेदिया ने किया। सभा में गौतम बनर्जी, इस्लाम अंसारी, जैनूल अंसारी, रास्का मांझी, मनीष किस्कू, मेहीलाल महतो, सोहराय किस्कू, बंसत कुमार समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
