भुरकुंडा (रामगढ़): भाई-बहन के पावन प्रेम और प्रकृति की पूजा का प्रतीक करम पर्व बुधवार को करम डाली के विसर्जन के साथ संपन्न हुआ। अखरा में करम डाल की पूजा अर्चना के उपरांत दूसरे दिन नदियों और जलाशयों में विसर्जित किया गया।
अवसर पर भुरकुंडा के नीचे धौड़ा करम पूजा समिति और बोनर धोड़ा भुइयां टोला से बाजे गाजे के साथ करम डाल विसर्जन जुलूस निकाला गया। जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवक-युवतियां और बच्चे शामिल रहे।
जुलूस के दौरान मांदर की थाप और करमा गीतों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा। पारंपरिक गीतों पर झूमर नृत्य करते हुए नलकारी नदी पहुंचे। जहां विधि-विधान से करम डाल को विसर्जित किया गया। विसर्जन जुलूस के साथ ही करम पर्व का विधिवत समापन हुआ।
