रांची: झारखंड सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य में कई भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द करने, कुछ को स्थगित रखने और पुरानी परीक्षाओं की जांच कराने के आदेश दिए गए हैं। इसका असर हजारों अभ्यर्थियों और पहले से चयनित उम्मीदवारों पर पड़ेगा। सरकार के फैसले से JSSC CGL के 1,932, JPSC 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा के 342, FRO के 54, SDPO के 63 और महिला पर्यवेक्षिका के 237 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रभावित हुई है। एआईटी की जांच और CID के निष्कर्षों के आधार पर JSSC CGL परीक्षा को रद्द कर दिया गया है।
कई भर्तियां रद्द, कुछ स्थगित
विश्वविद्यालयों में नॉन-टीचिंग पद, सहायक निदेशक, ड्रग इंस्पेक्टर, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के लेक्चर, मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिस्ट सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति प्रक्रिया भी रद्द की गई है।इसके अलावा सिविल जज, सहायक वन संरक्षक, वन रेंज अधिकारी, सहायक लोक अभियोजक, फूड सेफ्टी ऑफिसर सहित कई पदों की परीक्षाएं भी फैसले के दायरे में हैं। JPSC 2023 और 2025 की भर्ती, 6वीं लिमिटेड डिप्टी कलेक्टर भर्ती और JET 2024 पर भी कार्रवाई हुई है। TDPL के अलावा किसी अन्य एजेंसी से काम कराई गई फूड एनालिस्ट, डिप्टी डायरेक्टर प्रॉसीक्यूशन, प्रोजेक्ट मैनेजर, फैक्ट्री इंस्पेक्टर* जैसी परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित रखा गया है। इनकी जांच CID करेगी।
17 पुरानी परीक्षाओं की होगी पड़ताल
सरकार ने जांच का दायरा पुरानी भर्तियों तक बढ़ाया है। 2013 की 5वीं JPSC, सिविल जज, कृषि अधिकारी, मृदा संरक्षण अधिकारी, डेंटिस्ट, सहायक अभियंता सहित लगभग 17 पुरानी परीक्षाओं की दोबारा पड़ताल होगी।
पारदर्शिता के लिए नए कदम
भविष्य में गड़बड़ी रोकने के लिए सरकार ने कई सुधारों की घोषणा की है। JPSC और JSSC में कदाचार के मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन हेतु हाईकोर्ट से अनुरोध किया जाएगा। दोनों आयोगों में आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ का गठन आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाएगा। समिति दो महीने में परीक्षा प्रणाली की खामियों पर रिपोर्ट सौंपेगी
