चान्हो/रांची: वर्ष 2027 में हज पर जाने वाले आजमीन-ए-हज को यात्रा की धार्मिक प्रक्रियाओं और जरूरी नियमों से अवगत कराने के लिए बुधवार को कस्बा टांगर स्थित जामिया अरबिया मदीनतुल उलूम में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। तरबियती मरकज बलसोकरा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में हज के अरकान, इबादत के सही तरीके और सफर के दौरान जरूरी सावधानियों की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण में हाजी निजाम ने एहराम, तवाफ, सई, अराफात में वकूफ तथा मुजदलिफा और मिना में अदा किए जाने वाले अरकान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हज इस्लाम के पांच बुनियादी स्तंभों में शामिल है। इसकी अदायगी में सही जानकारी और निर्धारित धार्मिक प्रक्रियाओं का पालन महत्वपूर्ण है। उन्होंने आजमीन-ए-हज को सफर शुरू करने से पहले सभी जरूरी धार्मिक विधियों को अच्छी तरह समझने की सलाह दी।

कार्यक्रम में मौलाना अब्दुल कयूम कासमी, मौलाना रफीक आलम, हाफिज अब्दुल अजीज और हाजी सरफराज ने भी हज की अहमियत पर विचार रखे। उन्होंने आजमीन-ए-हज से सब्र और अनुशासन के साथ यात्रा पूरी करने, प्रशिक्षण में मिली जानकारी पर अमल करने तथा एक-दूसरे का सहयोग करने की अपील की। वक्ताओं ने सफर के दौरान स्वास्थ्य का ध्यान रखने और जिम्मेदारी के साथ धार्मिक कर्तव्यों को निभाने पर भी जोर दिया।
मौके पर हाजी एहसान, जावेद अख्तर, डॉ. जुल्फिकार अली, मौलाना अबुल कलाम आजाद, नाजिम हाफिज मोहम्मद तजम्मुल हुसैन, वकील अंसारी, हाजी शमशाद, हाजी इब्राहिम और तरबियती मरकज बलसोकरा के सचिव मास्टर मोहम्मद साजिद समेत अन्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम की जानकारी जामिया अरबिया मदीनतुल उलूम, कस्बा टांगर के मौलाना अबुल कलाम आजाद ने दी।

