रिपोर्ट – एस. अंसारी
रांची: नगर निगम कर्मचारियों ने गुरुवार को नगरीय प्रशासन निदेशालय के समक्ष एकदिवसीय धरना देकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन में कटौती, सेवा के दौरान मृत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति न मिलने और बेहद कम पारिवारिक पेंशन को लेकर कर्मियों में भारी आक्रोश देखा गया।
नगर निगम कर्मचारी संघ के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में सैकड़ों कर्मी शामिल हुए। कर्मचारियों का कहना है कि झारखंड गठन के 26 वर्ष बाद भी नगर निकायों में सेवा शर्तों को लेकर स्पष्टता का अभाव है।संघ अध्यक्ष नरेश राम ने कहा कि सेवा के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार आर्थिक संकट में आ जाता है। नियमानुसार एक आश्रित को नौकरी मिलनी चाहिए, लेकिन दर्जनों मामले लंबित हैं।
वहीं कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि रिटायर कर्मियों की पेंशन में बिना किसी पूर्व सूचना के 20 प्रतिशत तक की कटौती कर दी गई है। इसके साथ ही कर्मियों ने पारिवारिक पेंशन की राशि पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि कई मृतक कर्मियों के आश्रितों को 2500 रुपये से भी कम पेंशन मिल रही है। कहा कि इतनी कम राशि में किसी परिवार का गुजारा नहीं हो सकता। सरकार को पारिवारिक पेंशन की समीक्षा कर उसे सम्मानजनक बनाना चाहिए।
वहीं धरना प्रदर्शन के दौरान संघ ने नगर निकायों में संविदा नियुक्तियों की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। कोषाध्यक्ष *मुन्नी टोप्पो* ने कहा कि जब नियमित पदों की स्थिति स्पष्ट नहीं है तो संविदा पर नियुक्ति किस आधार पर हो रही है। इसकी जांच होनी चाहिए।
धरने में संघ के उपाध्यक्ष राजू मुंडा, मंत्री श्रीकांत कुमार, उपमंत्री मो. रब्बानी और सह-कोषाध्यक्ष सीमा कुमारी, सहित बड़ी संख्या में कर्मी शामिल रहे।
| कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
1. पेंशन में की गई 20% कटौती तुरंत वापस हो |
