रांची: झारखंड में त्योहारों से पहले करीब 68 लाख गरीब परिवारों को सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना का लाभ देने की तैयारी शुरू हो गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही के लिए वस्त्र वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। विभागीय निर्देश के अनुसार, अक्टूबर 2026 में पीडीएस दुकानों के माध्यम से वितरण शुरू होने की संभावना है। हालांकि, अभी वितरण की निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है।
योजना के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के प्रत्येक लाभुक परिवार को एक साड़ी तथा एक धोती या लूंगी दी जाएगी। प्रति वस्त्र 10 रुपये की दर तय है। यानी एक परिवार को साड़ी और धोती या लूंगी दोनों लेने पर कुल 20 रुपये देने होंगे।
पिछले साल का बचा स्टॉक नए आवंटन में होगा समायोजित
खाद्य एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय ने सभी जिलों के उपायुक्तों को आपूर्ति आदेश तैयार करने का निर्देश दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बचे अवितरित वस्त्रों को इस बार के आवंटन में समायोजित किया जाएगा। ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज वितरण रिपोर्ट के आधार पर बची साड़ियों, धोतियों और लुंगियों की संख्या घटाकर नए आवंटन की मांग तय की जाएगी।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के तहत वस्त्रों की आपूर्ति मेसर्स मफतलाल इंडस्ट्रीज लिमिटेड करेगी। लाभुकों को कपड़े देने से पहले उनकी गुणवत्ता की जांच की जाएगी।प्रति वस्त्र 10 रुपये की राशि में से एक रुपये डीलर कमीशन और दो रुपये परिवहन खर्च के लिए निर्धारित हैं। शेष सात रुपये प्रति वस्त्र जिला आपूर्ति पदाधिकारी के कार्यालय में जमा किए जाएंगे। वितरण की प्रक्रिया जिलों में आपूर्ति आदेश और उपलब्ध पुराने स्टॉक के समायोजन के बाद आगे बढ़ेगी।
