रामगढ़: पतरातू प्रखंड अंतर्गत सुदी गांव के पारगढ़ा में एक महिला और उसके दो बेटों की संदेहास्पद मौत से हड़कंप सा मच गया है। 24 घंटे के अंदर एक के बाद एक हुई मौतों से गांव में मातम पसरा हुआ है। जबकि मौत के वास्तविक कारणों की अबतक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
मिली जानकारी के अनुसार सुदी पारगढ़ा निवासी शंकर बेदिया की पत्नी संगीता देवी और दो पुत्र रामकिशुन बेदिया (15 वर्ष) और साहिल बेदिया (12 वर्ष) की तबीयत बुधवार को गंभीर रूप से बिगड़ गई। आनन-फानन में तीनों को भुरकुंडा के एक निजी क्लीनिक लाया गया। जहां उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए रामगढ़ सदर अस्पताल भेज दिया गया।
रामगढ़ जाने के क्रम में पहले रामकिशुन बेदिया ने दम तोड़ दिया। तकरीबन 15-20 मिनट के अंतराल पर साहिल बेदिया की भी मौत हो गई। सदर अस्पताल पहुंचने पर संगीता देवी को रिम्स रेफर कर दिया गया। संगीता देवी को गंभीर स्थिति में भर्ती कराया गया। इधर, गुरुवार को दोनों पुत्रों का गांव में दाह संस्कार कर दिया गया। वहीं रिम्स में इलाजरत संगीता देवी की भी मौत हो गई।
टायफाइड और मलेरिया से मौत की चर्चा, पुष्टि नहीं
बताया जाता है कि कुछ दिन पहले तीनों की तबियत बिगड़ी थी। जांच में टायफाइड और मलेरिया पाया गया था और दवा भी दी गई थी। वहीं बीते मंगलवार तक तीनों को चलते-फिरते देखा गया था। ऐसे में तीनों की स्थिति एकाएक गंभीर रूप से बिगड़ जाना और देखते-देखते मौत तक हो जाना लोगों के गले नहीं उतर रहा है। कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। जानकार बताते हैं कि सामान्यतः टायफाइड और मलेरिया होने पर भी तीनों की स्थिति इस हद तक अचानक नहीं बिगड़ सकती है। मौत के पीछे अन्य गंभीर संक्रमण, विषाक्त भोजन-पानी समेत अन्य कारण भी हो सकते हैं। संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ हो सकती है। हालांकि दोनों बच्चों का दाह संस्कार कर दिया गया है। वहीं संगीता देवी का शव रिम्स में रखा है। जिसका पोस्टमार्टम किए जाने पर रहस्य से पर्दा उठ सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की जांच, लिया सैंपल
मामले की जानकारी पर पतरातू प्रखंड विकास पदाधिकारी ने गांव पहुंचकर घटना की जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पहुंची और संक्रामक रोग के मद्देनजर जरूरी जांच-पड़ताल की गई। पेयजल के स्त्रोतों से पानी का सैंपल भी लिया गया। जिसकी रिपोर्ट के बाद काफी हद तक स्थिति साफ हो सकेगी।

