रजरप्पा (रामगढ़): रजरप्पा की श्रेया पंडा ने 21 साल की उम्र में स्वदेशी ह्यूमनॉइड रोबोट बनाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। श्रेया ने ‘SIENA’ नाम का Smart Interactive Educational Neural Assistant तैयार किया है, जो पूरी तरह भारत में डिजाइन और विकसित किया गया है। Paradox Innovator Pvt. Ltd. की निदेशक और COO श्रेया छिन्नमस्तिका मंदिर न्यास समिति के सचिव शुभाशीष पंडा की बेटी है। श्रेया की इस बड़ी उपलब्धि पर रजरप्पा क्षेत्र के लोग काफी उत्साहित है।

शिक्षा में तकनीक का नया अध्याय
SIENA स्कूल-कॉलेजों में रोबोटिक्स, AI, कोडिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देगा। इसमें फेस रिकग्निशन से हाजिरी, बहुभाषी वॉइस इंटरैक्शन, LiDAR नेविगेशन, टच-स्क्रीन और इंटेलिजेंट मेमोरी जैसी सुविधाएं हैं। रोबोट स्मार्ट रिसेप्शनिस्ट और डिजिटल कैंपस मैनेजमेंट का काम भी कर सकता है। श्रेया की कंपनी ICAR–NINFET के साथ मिलकर स्वदेशी तकनीक पर काम कर रही है।
बेटियों के लिए बड़ी प्रेरणा
श्रेया कहती हैं कि छोटे शहरों से भी बड़े आविष्कार हो सकते हैं। लड़कियां खुद को साइंस-टेक से दूर न समझें। श्रेया बताती है कि वह अब ग्रामीण इलाकों की लड़कियों के लिए मुफ्त रोबोटिक्स लैब खोलने की योजना बना रही हैं।वहीं मां जया पंडा और पिता शुभाशीष पंडा के सपोर्ट को श्रेया अपनी सफलता की नींव मानती हैं। रजरप्पा के लोगों का कहना है कि बेटी ने पूरे समाज का मान बढ़ाया है।
