रामगढ़: कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग झारखंड सरकार के सचिव अबू बकर सिद्दीक पी. शनिवार को रामगढ़ पहुंचे। जहां उन्होंने आरा बस्ती माइंस संख्या 8 में राज्य सरकार और जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित केज कल्चर मत्स्य पालन योजना का निरीक्षण किया।
अवसर पर सचिव ने केज कल्चर का अवलोकन करते हुए मत्स्य पालक किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों से सीधे संवाद किया। उन्होंने मत्स्य उत्पादन, विपणन, आय, तकनीकी प्रबंधन तथा योजना से प्राप्त हो रहे सामाजिक एवं आर्थिक लाभों की विस्तृत जानकारी ली। किसानों ने योजना के माध्यम से उनकी आय में हुई वृद्धि तथा आजीविका सुदृढ़ होने के अनुभव साझा किए।
सचिव ने जलाशय में संचालित केज कल्चर गतिविधियों का नाव से निरीक्षण किया तथा किसानों की सुविधा एवं कार्य की दक्षता बढ़ाने के लिए मोटर बोट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने महिला मत्स्य पालक समूहों से विशेष रूप से बातचीत करते हुए महिलाओं की सहभागिता की सराहना की तथा उन्हें मत्स्य पालन के साथ-साथ मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि मछली से अचार, कटलेट, फिश फिंगर, ड्राई फिश एवं अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार कर बेहतर बाजार एवं अधिक आय प्राप्त की जा सकती है। साथ ही उन्होंने मत्स्य उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग एवं विपणन को बढ़ावा देने पर भी बल दिया।
सचिव ने कहा कि केज कल्चर जैसी योजनाएं विस्थापित एवं ग्रामीण परिवारों के लिए आजीविका का सशक्त माध्यम बन रही हैं तथा राज्य सरकार मत्स्य क्षेत्र को आधुनिक तकनीक एवं बेहतर विपणन व्यवस्था से जोड़कर किसानों की आय में निरंतर वृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है।
निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारी, जिला प्रशासन के पदाधिकारी, मत्स्य विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में मत्स्य पालक किसान और महिला समूह के सदस्य उपस्थित थे।
