रांची /देवघर: शिव-शक्ति की पावन नगरी देवघर में प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेले की शुरुआत हो गई है। सावन माह के पहले दिन गुरुवार को बड़ी संख्या में शिवभक्त ‘बोल बम ‘ के जयकारों के साथ बैद्यनाथ धाम पहुंचे। अहले सुबह 04:बजकर 02 मिनट पर मंदिर का पट खुलते हैं जलापर्ण शुरू हो गया। लंबी कतारों में लगे श्रद्धालुओं ने अर्घ्या व्यवस्था के जरिए भगवान भोलेनाथ के ज्योतिर्लिंग पर जलाभिषेक किया। श्रावणी मेला 30 जुलाई से 18 अगस्त तक जारी रहेगा। एक अनुमान के मुताबिक तकरीबन 50 लाख कांवरिये जलाभिषेक करने पहुंचेंगे।

पहली बार हाइटेक सुरक्षा व्यवस्था, AI का इस्तेमाल
भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस बार मेले में कई बड़े तकनीकी बदलाव किए गए हैं। मेले की पल-पल की निगरानी के लिए पहली बार AI आधारित इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम बनाया गया है। भीड़ प्रबंधन और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए फेस रिकग्निशन कैमरे और ड्रोन तैनात किए गए हैं। वहीं कांवरियों की सहायता, शिकायत और फीडबैक के लिए विशेष AI चैटबॉट और 24 घंटे हेल्पलाइन शुरू की गई है।
दर्शन व्यवस्था में किए गए हैं बड़े बदलाव
भारी भीड़ को देखते हुए बाबा मंदिर में पूजा के नियमों में इस बार कड़े बदलाव किए गए हैं। पूरे श्रावणी माह बाबा वैद्यनाथ की स्पर्श पूजा पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए अर्घ्या सिस्टम लगाया गया है। अब भक्त दूर से ही बाबा पर जल चढ़ा सकेंगे।
वहीं वीआईपी और सुगम दर्शन के लिए शीघ्रदर्शनम कूपन की कीमत 300 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दी गई। हालांकि अत्यधिक भीड़ के कारण मुख्य सचिव ने शीघ्रदर्शनम दर्शन और वीवीआईपी दर्शन पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है।
कांवरियों के लिए किए गए विशेष इंतजाम
क्यू कॉम्प्लेक्स में श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क क्लॉक रूम शुरू किया गया है, ताकि सामान रखकर बेफिक्र होकर जलार्पण किया जा सके। पूरे मेला क्षेत्र और 109 किमी लंबे कांवरिया पथ पर 11,500 से अधिक पुलिस जवान और CRPF की टीमें तैनात की गई हैं। इसके साथ ही पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए पूरे देवघर को ‘नो प्लास्टिक जोन’ घोषित किया गया है। श्रद्धालुओं की भीड़ को सुगम बनाने के लिए नवनिर्मित फुट ओवरब्रिज का सफल परीक्षण कर उसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से शांति-व्यवस्था बनाए रखते हुए जलार्पण करने की अपील की है।
