मांडू के हेसागढ़ा में हुई बैठक, सम्मेलन 4 और 5 नवंबर को 

मांडू (रामगढ़): हेसागढ़ा पंचायत सचिवालय में गुरुवार को संथाल समाज दिशोम मांझी परगना और मरांग बुरु बचाओ संघर्ष मोर्चा की बैठक हुई। जिसमें हजारीबाग और रामगढ़ जिला के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री फागु बेसरा ने की। जबकि संचालन संथाल समाज दिशोम मांझी परगना के केन्द्रीय महासचिव सोनाराम हेम्ब्रोम ने किया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि मरांग बुरु आदिवासियों का पवित्र धार्मिक स्थल है। यह केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि हमारे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अस्तित्व का प्रतीक है। आदिवासी/संताल समाज मरांङ बुरु में धार्मिक आस्था पर किसी भी प्रकार के प्रहार को बर्दाश्त नहीं करेगा।

बैठक में जिला से लेकर प्रखंड, पंचायत और ग्राम स्तर तक समितियां बनाकर व्यापक जन भागीदारी और जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। वहीं मोर्चा की केंद्रीय समिति ने निर्णय लिया कि आगामी 4 और 5 नवम्बर 2026 को मरांग बुरु धोरोमगाढ़ महासम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसमें झारखंड के बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, रामगढ़, हज़ारीबाग, कोल्हान प्रमंडल और संथाल परगना के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके अलावा असम, उड़ीसा, बिहार, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, मिजोराम के साथ नेपाल, भूटान एवं बांग्लादेश से भी सैकड़ों प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसके साथ ही बैठक में आदिवासी/संतालों के पारंपरिक धार्मिक जुग जाहेर मरांङ बुरु की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत की रक्षा, संगठन के विस्तार तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा हुई।

अवसर पर मरांग बुरु बचाव संघर्ष मोर्चा तैयारी और स्वागतम समिति का गठन किया गया। जिसमें हजारीबाग के अध्यक्ष सोनाराम हेम्ब्रोम, उपाध्यक्ष सहदेव किस्कू एवं रामचंद्र टुडू, सचिव रामेश कुमार हेम्ब्रोम और कोषाध्यक्ष रामकिशोर मुर्मू और सूरज बेसरा को चुना गया। जबकि रामगढ़ जिला के अध्यक्ष एतो बास्के, उपाध्यक्ष कान्दो मराण्डी, प्रदीप सोरेन, सचिव राजेश हंसदा, कोषाध्यक्ष पन्ना लाल मुर्मू और कैलाश टुडू को चुना गया। जल्द ही समिति का विस्तार भी किया जाएगा।

बैठक में मरांग बुरु बचाव संघर्ष मोर्चा केंद्रीय समिति से हिरालाल मांझी, केन्द्रीय महासचिव, सोमोय टुडू, केन्द्रीय कोषाध्यक्ष, बिन्दे सोरेन, सुरेन्द्र टुडू एवं विशनू किस्कू शामिल हुए। संथाल समाज दिशोम मांझी परगना से एतो बास्के, केन्द्रीय कोषाध्यक्ष, कान्दो मरांडी, रामेश कु. हेम्ब्रोम, राम किशोर मुर्मू, प्रदीप सोरेन, सन्नी सोरेन, मुर्सींग लाल हंसदा, लखी राम मांझी, सुखदेव हेम्ब्रोम, पना लाल मुर्मू, रूपन मांझी, बब्लू हेम्ब्रोम, आंनद मराण्डी, सनू मदन सोरेन, यादे हंसदा, महादेव हंसदा, रामचंद्र टुडू, राजेश हंसदा, टीरू सोरेन, दिलीप हंसदा, कामेश्वर मांझी सहित सैकड़ों लोग बैठक में उपस्थित थे।

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