15 फीट की प्रतिमा बनेगी आकर्षण का केंद्र
रांची: चंद्रशेखर आजाद दुर्गा पूजा समिति ने इस वर्ष अपने पंडाल को गुजरात के प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर की तर्ज पर बनाने का निर्णय लिया है। समिति के मुताबिक पंडाल की भव्यता श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। शहर के मेन रोड पर अल्बर्ट एक्का चौक के निकट समिति लगातार 16 वर्षों से दुर्गापूजा का आयोजन करती आ रही है और हर वर्ष कुछ अलग करने का प्रयास करती रही है। इसी क्रम में 2026 के पूजा महोत्सव के लिए द्वारकाधीश मंदिर की स्थापत्य कला और वास्तुशिल्प को पंडाल में उतारने की तैयारी शुरू कर दी गई है। उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ भारतीय स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत की झलक भी देखने को मिले।
120 फीट ऊंचा होगा भव्य पंडाल
समिति के अध्यक्ष रमेश सिंह के अनुसार इस वर्ष पंडाल की ऊंचाई करीब 120 फीट, चौड़ाई 100 फीट और लंबाई भी 100 फीट रखी जाएगी। इतनी विशाल संरचना को तैयार करना अपने आप में बड़ी चुनौती है। जबकि इसकी कलात्मक संरचनाओं को तैयार करने की प्रक्रिया पिछले करीब एक महीने से पश्चिम बंगाल में चल रही है। पंडाल के साधु-संतों और भगवान के विभिन्न स्वरूपों की आकर्षक प्रस्तुति की जाएगी।
15 फीट की प्रतिमा होगी मुख्य आकर्षण
इस बार मां दुर्गा की करीब 15 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। समिति की योजना पंडाल की विशालता और प्रतिमा की भव्यता को इस तरह संयोजित करने की है कि दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं को आकर्षक दृश्य अनुभव मिल सके। पूजा पंडाल का उद्घाटन चतुर्थी के दिन किए जाने की तैयारी है। इसके बाद पंचमी, षष्ठी और सप्तमी को विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समिति के अनुसार कार्यक्रमों में बिहार और यूपी के नामी कलाकारों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
