रामगढ़: समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में सोमवार को उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में बैठक कर जिला भू-अर्जन विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में एनएचएआई, भारतमाला परियोजना, चुटूपालू घाटी, बरलांगा – कसमार, ललकीघाटी तथा एनएच-33 (मांडू) क्षेत्र से संबंधित भूमि अधिग्रहण, वंशावली सत्यापन एवं रैयतों के लंबित मुआवजा भुगतान की अद्यतन स्थिति की बिंदुवार समीक्षा की गई।

समीक्षा के क्रम में उपायुक्त  ने संबंधित पदाधिकारियों को प्रभावित रैयतों के लंबित मुआवजा भुगतान के त्वरित निष्पादन हेतु संबंधित क्षेत्रों में विशेष कैंप आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कैंप के माध्यम से रैयतों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करते हुए उन्हें उनके अधिकार का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने रैयतों की वंशावली, भू-स्वामित्व प्रमाण-पत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों का मौके पर ही सत्यापन करने तथा सभी प्रक्रियाएं पूर्ण होने के बाद राशि का सीधे बैंक खाते में भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

वहीं उपायुक्त ने चुटूपालू घाटी एवं ललकीघाटी में सड़क सुरक्षा एवं चौड़ीकरण, एनएच-33 (मांडू), बरलांग – कसमार तथा भारतमाला परियोजनाओं से संबंधित भू-अर्जन की बाधाओं एवं सीमांकन संबंधी विवादों का अविलंब समाधान करने को कहा। उन्होंने पथ निर्माण विभाग एवं संबंधित कार्यकारी एजेंसियों को निर्देश दिया कि भू-अर्जन की प्रक्रिया पूर्ण होते ही निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए तथा सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए। उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि विकास परियोजनाओं को गति देना तथा प्रभावित रैयतों को समय पर उचित मुआवजा एवं अन्य लाभ उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। भू-अर्जन प्रक्रिया एवं मुआवजा भुगतान में अनावश्यक विलंब करने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों की जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मुख्य रूप से जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पथ निर्माण विभाग एवं एनएचएआई के प्रतिनिधि, संबंधित अंचलाधिकारी तथा भू-अर्जन शाखा के कर्मी उपस्थित थे।

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