जमशेदपुर: टाटा स्टील के कर्मचारियों का बोनस को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच वित्तीय वर्ष 2025-26 के बोनस समझौते पर गुरुवार को मुहर लग गई। जिसके तहत कंपनी की विभिन्न इकाइयों के 25,603 स्थायी कर्मचारियों के खाते में 11 सितंबर को बोनस की राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। इस बार कुल 315 करोड़ रुपये बोनस के रूप में बांटे जाएंगे।
समझौते के अनुसार कर्मचारियों को न्यूनतम 39,016 रुपये और अधिकतम 4 लाख 52 हजार 512 रुपये तक बोनस मिलेगा। यूनियन अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी टुन्नू ने इसे कोविड के बाद का दूसरा सबसे अच्छा बोनस करार दिया, जबकि कंपनी के एमडी टी. वी. नरेंद्रन ने कहा कि यह कंपनी के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी बोनस राशि है।
बोनस तय करने के फॉर्मूले से शुरू में 304.58 करोड़ रुपये की राशि बन रही थी। इस वित्तीय वर्ष में प्रति कर्मचारी उत्पादकता 674.2 टन रही, जो तय अधिकतम मानक से 74.2 टन ज्यादा है। इस बेहतर प्रदर्शन से बोनस पूल में करीब 10 करोड़ रुपये और जुड़ गए और आंकड़ा 314.53 करोड़ पर पहुंच गया। इसके बाद यूनियन के साथ बातचीत में प्रबंधन ने 47 लाख रुपये और देने पर सहमति जताई, जिससे कुल राशि 315 करोड़ तय हुई। 5 करोड़ रुपये के सुरक्षा प्रावधान के लिए दुर्घटना दर 0.40 या उससे कम होना जरूरी था, जबकि इस साल यह दर 0.39 रही।
टाटा स्टील और ट्यूब्स डिवीजन के कर्मचारियों का औसत बोनस 1,48,675 रुपये होगा। सिर्फ जमशेदपुर प्लांट और ट्यूब्स डिवीजन के लिए 163.85 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे 11,021 कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
इस बोनस में टीजीएस, टिनप्लेट, आईएसडब्ल्यूपी, ट्यूब डिवीजन, टीएमएच, टाटा मेटालिक्स, टाटा बियरिंग्स, टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स और माइंस-कोलियरी समेत सभी संबद्ध इकाइयों के कर्मचारी शामिल हैं। पुरानी सीरीज के कर्मचारियों को अधिकतम 4,52,512 रुपये और नई सीरीज के कर्मचारियों को न्यूनतम 39,016 रुपये मिलेंगे।
