रांची: राजधानी रांची के बोड़ेया इलाके में सड़क की जर्जर हालत से परेशान ग्रामीणों का सब्र आखिर टूट गया। करमटोली चौक से ओरमांझी रोड स्थित महाराजा मदरा मुंडा चौक होते हुए पतरातू तक जाने वाली मुख्य सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर शनिवार, 5 सितंबर 2026 को बोड़ेया चौक पर ग्रामीणों ने एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व बोड़ेया पंचायत के मुखिया सोमा उरांव और कमलेश राम ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए।

गड्ढों में तब्दील हुई सड़क, बारिश में बढ़ी मुश्किल
ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे और टूटे हिस्से हैं, जिससे रोजाना हादसे का डर बना रहता है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब गड्ढों में पानी भर जाता है और सड़क का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। यह मार्ग केवल एक सड़क नहीं, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों की लाइफलाइन है। इसी सड़क से ग्रामीण बाजार, स्कूल, अस्पताल और रोजगार के लिए आना-जाना करते हैं। सड़क खराब होने से बच्चों की पढ़ाई से लेकर किसानों को बाजार तक पहुंचने में भारी परेशानी हो रही है।
मौके पर पहुंचे पथ निर्माण विभाग के अधिकारी
धरने की सूचना मिलते ही पथ निर्माण विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सड़क का निरीक्षण किया और धरना दे रहे ग्रामीणों से बातचीत की। विभाग की ओर से ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया है कि सड़क मरम्मत का प्रस्ताव तैयार है और अगले 7 दिनों के भीतर टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जल्द से जल्द मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा। अधिकारियों के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
ग्रामीणों की चेतावनी: मरम्मती नहीं हुई तो फिर आंदोलन
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि वे सिर्फ आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं। उनकी नजर अब विभाग की कार्रवाई पर रहेगी। यदि 7 दिन के भीतर टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो वे दोबारा बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। धरना में शामिल लोगों ने कहा कि हम कई बार आवेदन दे चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
