रांची/धनबाद: रेल यात्रियों की समस्याएं सुनने के साथ उनके समाधान की प्रक्रिया तय करने पर रेलवे ने जोर दिया है। गुरुवार को रांची और धनबाद मंडल में आयोजित रेल जनसंवाद के दौरान यात्रियों से मिली शिकायतों को तीन श्रेणियों में बांटकर कार्रवाई करने की व्यवस्था सामने रखी गई। तत्काल दूर होने वाली समस्याओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि विभागीय समन्वय और उच्चस्तरीय मंजूरी से जुड़े मामलों को अलग-अलग स्तर पर भेजा जाएगा।
इस पहल के तहत धनबाद मंडल के डीआरएम अखिलेश मिश्रा ने धनबाद जंक्शन का निरीक्षण किया और धनबाद-अल्लपुझा एक्सप्रेस में यात्रियों से बातचीत की। उन्होंने सफर के दौरान होने वाली परेशानियों, उपलब्ध सुविधाओं और सुधार की जरूरतों के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों को स्टेशन की व्यवस्थाओं और यात्री सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
उधर, रांची मंडल के डीआरएम करुणा निधि सिंह ने रांची रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से सीधे संवाद किया। टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय, शौचालय और प्लेटफॉर्म का निरीक्षण करने के साथ उन्होंने स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों से भी उनकी समस्याएं जानीं। साफ-सफाई, पेयजल, सुरक्षा और प्रतीक्षालय जैसी सुविधाओं पर सुझाव लिए गए।
रांची मंडल के अन्य स्टेशनों पर भी अधिकारियों ने यात्रियों से बातचीत कर शिकायतें और अपेक्षाएं दर्ज कीं। भीड़ प्रबंधन और त्योहारों के दौरान बेहतर व्यवस्था को लेकर भी यात्रियों की राय ली गई। इस दौरान वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक विनोद कुमार, मंडल सुरक्षा आयुक्त एके पांडे और वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (सामान्य) एससी महंती सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
रेलवे की तय व्यवस्था के अनुसार, तत्काल समाधान योग्य शिकायतों पर प्राथमिकता से काम होगा। जिन मामलों में अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल जरूरी होगा, उन्हें संबंधित विभागों को भेजा जाएगा। वहीं, नीतिगत निर्णय या उच्चस्तरीय मंजूरी की जरूरत वाले मुद्दे सक्षम स्तर पर रखे जाएंगे।
जनसंवाद की उपयोगिता अब इस बात से तय होगी कि यात्रियों द्वारा बताई गई समस्याओं पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है और स्टेशनों व ट्रेनों में सुविधाओं का कितना सुधार दिखाई देता है।
