मांडर (रांची): ऐतिहासिक मुड़मा जतरा के सफल आयोजन को लेकर गुरुवार को मुड़मा पड़हा भवन में बैठक हुई। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 27 और 28 अक्टूबर को आयोजित होने वाले जतरा की तैयारियों की समीक्षा की गई। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, यातायात, पेयजल, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया।
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि मुड़मा जतरा का आयोजन भव्य तरीके से किया जाना चाहिए। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलकर आयोजन के लिए आवंटित 70 लाख रुपये की राशि बढ़ाने की पहल करने की बात कही। वहीं, भाजपा नेता सन्नी टोप्पो ने बिरसा उरांव की जमीन से जुड़े विवाद का समाधान करने की मांग उठाई।

बैठक में प्रशासन की ओर से रांची ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी, एसडीएम कुमार रजक, खलारी डीएसपी रामनारायण चौधरी, इंस्पेक्टर अनूप राणा, मांडर बीडीओ-सह-अंचल अधिकारी चंचला कुमारी, चान्हो बीडीओ वरुण कुमार और मांडर थाना प्रभारी मनोज करमाली सहित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के तहत प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती, नियमित गश्त, सुरक्षा चौकियां और पुलिस कैंप बनाने पर चर्चा हुई। ग्रामीण एसपी ने कहा कि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रखने और भीड़ नियंत्रित करने के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे।
जतरा स्थल पर सड़क मरम्मत, पेयजल स्रोतों की सफाई, ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव और अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था पर चर्चा हुई। साथ ही कार्यकर्ताओं के ठहरने-भोजन, सीसीटीवी निगरानी और शराब बिक्री पर रोक लगाने के उपायों पर विचार किया गया। पहानों और धर्मगुरुओं के लिए पारंपरिक वस्त्रों की व्यवस्था का मुद्दा भी उठा।

धर्मगुरु बंधन तिग्गा ने मुड़मा जतरा को झारखंड की आस्था, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक बताते हुए इसकी ऐतिहासिक गरिमा बनाए रखने और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए सामूहिक सहयोग की अपील की।
बैठक में झारखंड छात्र संघ के अध्यक्ष एस अली, रांची जिला ग्रामीण कांग्रेस अल्पसंख्यक अध्यक्ष शमीम अख्तर, विधायक प्रतिनिधि इसरोज अंसारी, झामुमो उपाध्यक्ष राजू लोहरा, प्रमुख फिलिप सहाय एक्का और उप प्रमुख अमानत अंसारी सहित जतरा समिति के पदाधिकारी तथा सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।

