रांची: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई एक टिप्पणी को लेकर सोमवार को रांची में सियासी तनाव सड़क पर दिखा। भाजपा के कांग्रेस भवन घेराव के दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। नारेबाजी, धक्का-मुक्की और नोकझोंक के बीच पुलिस और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
भाजपा के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में कार्यकर्ता जिला स्कूल मैदान से कांग्रेस भवन की ओर रवाना हुए थे। रांची विश्वविद्यालय के पास प्रशासन द्वारा लगाए गए बैरिकेड पर उन्हें रोका गया। इधर, भाजपा के प्रदर्शन की सूचना पर कांग्रेस कार्यकर्ता पहले से ही कांग्रेस भवन में जुटे थे। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद नारेबाजी शुरू हो गई।
खबर के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ता लाठी-डंडे दिखाकर एक-दूसरे को धमकाते नजर आए। पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासन के हस्तक्षेप और समझाने-बुझाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
भाजपा की ओर से प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, रविंद्र राय सहित युवा मोर्चा और महिला मोर्चा के कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस की ओर से प्रदेश महासचिव आलोक दुबे, सुरेंद्र सिंह, रविंद्र सिंह, राकेश सिन्हा, प्रवक्ता सोनाल शांति और किशोरनाथ शाहदेव सहित अन्य नेता व कार्यकर्ता जुटे थे।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के जरिए आंदोलन रोकने की कोशिश कर रही है। बाबूलाल मरांडी ने खड़गे की टिप्पणी की निंदा की। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने आरोप लगाया कि कांग्रेस बाहरी लोगों को लाकर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार कर रही है।
वहीं कांग्रेस नेताओं ने पलटवार किया। प्रदेश महासचिव आलोक दुबे, सुरेंद्र सिंह और किशोरनाथ शाहदेव ने कहा कि भाजपा राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन कर रही है। आलोक दुबे ने दावा किया कि एक महीने के भीतर कांग्रेस के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन की यह तीसरी घटना है और भाजपा नेता लगातार अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि प्रदर्शन फिलहाल ठंडा पड़ गया है, जबकि भाजपा ने आगे बड़े आंदोलन के संकेत दे दिए हैं।

