रांची: झारखंड में नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितता का मामला अब और बड़ा हो गया है। राज्य सरकार ने वर्ष 2014 के बाद आयोजित 17 परीक्षाओं को CID जांच के दायरे में शामिल किया है, जिसमें JPSC की 6वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा (JPSC-6) भी शामिल है।
सरकार ने CID और SIT की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह कदम उठाया है। इससे पहले कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने 22 परीक्षाओं को रद्द करने और 6 परीक्षाओं की प्रक्रिया को अगले आदेश तक स्थगित करने का आदेश जारी किया था।
जांच के दायरे में आई JPSC-6 परीक्षा के माध्यम से राज्य प्रशासनिक सेवा समेत कई अहम पदों पर नियुक्तियां हुई थीं। अब जांच एजेंसी इस परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों, पात्रता और चयन प्रक्रिया की पड़ताल करेगी। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
इधर, सरकार के रद्द करने वाले आदेश के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC की 11वीं-13वीं और फूड सेफ्टी ऑफिसर सहित कुछ नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को तय की गई है।
सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन, JPSC-JSSC में आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ बनाने और वरिष्ठ IAS अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित करने का भी निर्णय लिया है।
