रामगढ़: जिले में सुरक्षित यातायात की तमाम कवायदों के बावजूद सड़क दुघर्टनाओं में कमी आती नहीं दिख रही है। सड़क पर तेज रफ्तार अब भी लोगों पर कहर बनकर टूट रहा है। काली सड़क पर सूखते लाल खून के धब्बे और चिथड़ों में बिखरती जिंदगी व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर रही है। एक यक्ष प्रश्न यह है कि सड़क दुघर्टनाओं में कमी लाने के कुछ प्रभावी उपाय अब बचे भी हैं या नहीं ? 

एक अनुमानित आंकड़े के अनुसार इस वर्ष जनवरी से मार्च महीने तक 62 सड़क दुघर्टनाओं में 52 मौतें हुई हैं, जबकि इन तीन महीने में 26 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और 13 लोग चोटिल हुए हैं। जबकि बीते वर्ष 2025 में जनवरी से मार्च महीने तक के आंकड़ों में भी विशेष अंतर नहीं है। इस अंतराल में 61 सड़क दुघर्टनाओं में 61 मोतें हुई थी। जबकि 31 गंभीर रूप से घायल और 11 चोटिल हुए थे। 

वर्तमान वर्ष में बीते तीन महीने के अलग-अलग आंकड़ों पर गौर करें तो मार्च 2026 में 28 सड़क दुघर्टनाएं हुईं। जिसमें 21 मौतें, 13 गंभीर रूप से घायल और 8 चोटिल हुए। वहीं फरवरी 2026 में 13 सड़क दुघर्टनाओं में 13 मौतें, 9 गंभीर रूप से घायल और 3 चोटिल हुए। जबकि जनवरी 2026 में 18 मौतें, 5 गंभीर रूप से घायल और 2 चोटिल हुए। इस दरम्यान जिले के रामगढ़, मांडू और रजरप्पा थाना क्षेत्र में दुर्घटनाएं अधिक हुई हैं। ये महज अनुमानित आंकड़े हैं। प्रबल संभावना है कि इनके अलावा भी अन्य दुर्घटनाएं हुई होंगी। 

जिले में लगातार वाहन चेकिंग और कटते चालान से सरकारी खजाना भले बढ़ रहा हो, लेकिन दुर्घटनाओं में रत्ती भर भी कमी नहीं आ रही है। तेज रफ्तार सड़क दुघर्टनाओं का प्रमुख कारण बना हुआ है। जिसपर लगाम लगा पाना सिस्टम के बूते से बाहर प्रतीत हो रहा है। लोग नशे में भी ड्राइविंग करने से बाज नहीं आ रहे हैं और खुद के साथ दूसरों के लिए भी खतरा बन रहे हैं। 

सड़क सुरक्षा जागरूकता के मासिक-दैनिक अभियानों का प्रतिफल शून्य है। लगातार होती दुर्घटनाओं के बावजूद यातायात नियमों को लोग गंभीरता से ले नहीं रहे हैं और अधिकारी हैं कि समीक्षा बैठकों से आगे बढ़ नहीं पा रहे हैं। सड़क दुर्घटनाओं में कमी कैसे आए और नागरिकों के बहुमूल्य जीवन की रक्षा कैसे हो, इसपर न सिर्फ गहन चिंतन बल्कि सामाजिक सहभागिता के साथ ठोस कदम बढ़ाने की जरूरत है।

बहरहाल, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 13 फरवरी 2026 से लागू की गई पीएम राहत स्कीम फिलहाल कई जिलों की तरह रामगढ़ में भी इंप्लीमेंट नहीं की जा सकी है। इस स्कीम के इंप्लीमेंट हो जाने के बाद सड़क दुघर्टना में घायल लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके के तहत सड़क दुघर्टना के घायलों को उपचार हेतु डेढ़ लाख रुपए भुगतान करने का प्रावधान है। रकम का भुगतान दुर्घटना से सात दिनों के अंदर किया जाना है। 

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