रैयतों की जमीन संबंधित आपत्ति पर हुई चर्चा

रामगढ़: हजारीबाग-रांची प्राकृतिक गैस पाइपलाइन परियोजना से प्रभावित बुजुर्ग जमीरा गांव में शुक्रवार को ग्राम सभा का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता पतरातू अंचलाधिकारी मनोज कुमार चौरसिया ने किया। ग्राम सभा में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के मुख्य निर्माण प्रबंधक, अन्य संबंधित पदाधिकारी और दर्जनों ग्रामीण उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को परियोजना की विस्तृत जानकारी दी। बताया गया कि भारत सरकार के उपक्रम इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (PNGRB) द्वारा हज़ारीबाग–रांची प्राकृतिक गैस पाइपलाइन परियोजना के निर्माण हेतु अधिकृत किया गया है, जिसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाना आवश्यक है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना के अंतर्गत किसी प्रकार का भूमि अधिग्रहण नहीं किया जा रहा है, बल्कि भारत सरकार के Petroleum and Minerals Pipelines (Acquisition of Right of User in Land) Act, 1962 के प्रावधानों के तहत केवल भूमि के उपयोग का अधिकार (Right to Use – ROU) लिया जा रहा है। पाइपलाइन लगभग 1.5 मीटर भूमि के नीचे बिछाई जाएगी, जिससे कार्य पूर्ण होने के उपरांत भूमि पर सामान्य कृषि कार्य पूर्ववत जारी रखा जा सकेगा।

ग्राम सभा में भूमि संबंधित आपत्तियों पर चर्चा कि गई। साथ ही निर्णय लिया गया कि  जिन रैयतों को पाइपलाइन एलाइनमेंट के संबंध में कोई शंका है, उनके लिए आगामी 2 और 4 जून को चिन्हित स्थल पर प्लॉट बाई प्लॉट अलाइनमेंट चेक किया जाएगा। जिससे उनकी समस्याओं का समाधान किया जा सके।

मौके पर इंडियन आंयल कार्पोरेशन अफताब आलम, जयंत कुमार बेसरा, राजस्व कर्मचारी सुरेश महली, राहुल कुमार ओझा, वार्ड सदस्य प्रभू करमाली, ओपी प्रभारी उमाशंकर वर्मा, सअनि अरविंद सिंह, देवानंद गोप, मंटू बेदिया, पवन कुमार यादव, चंदन गोप, रंजीत यादव, जयंत गोप सहित अन्य मौजूद रहे।

 

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