धनबाद: कोयला उत्पादन में आ रही बाधाओं और वाशरियों के कमजोर प्रदर्शन को लेकर बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार, 22 अक्टूबर को उन्होंने ईस्ट झरिया क्षेत्र का दौरा कर खदानों में जल निकासी से लेकर कोयला ढुलाई और निर्माणाधीन वाशरी के कार्यों की समीक्षा की।
भौंरा पैच पर जताई चिंता
निरीक्षण के दौरान अमलगमेटेड भौंरा नॉर्थ-साउथ कोलियरी के सी-2 हायर्ड एचईएमएम पैच पर विशेष ध्यान दिया गया। यहां जल निकासी, ओवरबर्डन हटाने और कोयला उत्पादन की गति बढ़ाने का निर्देश दिया गया। पर्यावरणीय स्वीकृति के तहत इस पैच की सालाना उत्पादन क्षमता 23 लाख टन निर्धारित है। कोयले की ढुलाई में बाधा कम करने के लिए अतिरिक्त वे-ब्रिज लगाने का भी निर्देश दिया गया।
फायर पैच विस्तार में तेजी लाने को कहा
अमलगमेटेड सुदामडीह-पाथरडीह कोलियरी के फायर पैच के पूर्वी विस्तार में खनन कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सीएमडी ने विस्तार में आ रही अड़चनों को दूर करने पर जोर दिया। अधिकारियों को अतिक्रमणकारियों को चरणबद्ध तरीके से तय समय-सीमा के भीतर स्थानांतरित करने को कहा गया, ताकि खनन कार्य निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके।
वाशरियों के प्रदर्शन पर नाराजगी
सीएमडी ने वाशरियों के संचालन में सुधार को प्राथमिकता देते हुए 2 एमटीवाई क्षमता वाली भोजूडीह और 1.6 एमटीवाई क्षमता वाली दहीबाड़ी वाशरी के प्रदर्शन पर असंतोष जताया। वहीं 2.5 एमटीवाई क्षमता वाली निर्माणाधीन पाथरडीह-II वाशरी के काम में देरी पर नाराजगी जताते हुए लंबित कार्य शीघ्र पूरा करने का अल्टीमेटम दिया।
दौरे के अंत में उन्होंने ईस्ट झरिया क्षेत्र की टीम से उत्पादन और डिस्पैच में तेजी लाकर निर्धारित लक्ष्य से आगे बढ़ने को कहा। साथ ही स्पष्ट किया कि उत्पादन बढ़ाने की कोशिश में सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
