भुरकुंडा (रामगढ़): सीसीएल की भुरकुंडा परियोजना के संगम आउटसोर्सिंग पैच पर मंगलवार से संयुक्त विस्थापित प्रभावित मोर्चा के तत्वावधान में अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। इसके साथ ही चक्का जाम आंदोलन करते हुए बीएलए आउटसोर्सिंग कंपनी का ओबी ट्रांसपोर्टिंग ठप कराया जाएगा।
इस संबंध में संयुक्त विस्थापित प्रभावित मोर्चा के एक प्रतिनिधिमंडल ने भुरकुंडा कोलियरी प्रबंधन को स्मरण पत्र दिया। जिसमें कहा गया कि मोर्चा द्वारा पूर्व में छह सूत्री मांगों को लेकर समाधान हेतु कई बार आवेदन और मांग-पत्र दिया गया। बावजूद इसके सीसीएल प्रबंधन और आउटसोर्सिंग कंपनी की ओर से कोई ठोस और साकारात्मक पहल नहीं की गई।
इससे विस्थापित-प्रभावित रैयत ग्रामीणों में गहरा असंतोष और आक्रोश व्याप्त है। विवश होकर संयुक्त विस्थापित प्रभावित मोर्चा कल 28 जुलाई 2026 से संगम खुली खदान का कार्य पूर्णतः बंद करते हुए अनिश्चितकालीन धरना देगा और चक्का जाम आंदोलन करेगा। कहा गया कि जब तक मोर्चा की मांगों पर सकारात्मक पहल करते हुए ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि आंदोलन के दौरान उत्पादन, परिवहन, आवागमन, कानून-व्यवस्था अथवा किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सीसीएल प्रबंधन, संगम आउटसोर्सिंग कंपनी प्रबंधन की होगी।
प्रतिनिधिमंडल में राणा प्रताप सिंह, झरी मुंडा, फुलेश्वर राम, राजा राम प्रसाद, नरेंद्र बेदिया, सुनील बेदिया, सूरज कुमार हेंब्रम, संतोष मांझी, संजय मांझी, मन्ना राम मांझी, रोहित मुंडा, अमित एक्का, शंभूलाल मांझी, रामदास बेदिया, संजय यादव, सुनील नायक, मिंटू मुंडा शामिल थे।
