• भुरकुंडा परियोजना कार्यालय में हुई वार्ता में बनी सहमति
भुरकुंडा (रामगढ़): सीसीएल बरका-सयाल प्रक्षेत्र अंतर्गत भुरकुंडा परियोजना के आउटसोर्सिंग खदान पर जारी अनिश्चितकालीन धरना वापस ले लिया गया है। भुरकुंडा परियोजना कार्यालय में गुरुवार हुई वार्ता के बाद रैयत विस्थापित मोर्चा और संयुक्त विस्थापित प्रभावित मोर्चा का धरना समाप्त हो गया।
मिली जानकारी के अनुसार भुरकुंडा परियोजना कार्यालय में कोलियरी प्रबंधन और आउटसोर्सिंग कंपनी के प्रतिनिधि ने दोनों मोर्चा के प्रतिनिधियों से वार्ता की। इस दौरान भुरकुंडा ओपी प्रभारी भी मौजूद रहे। वार्ता के क्रम में आउटसोर्सिंग कंपनी में स्थानीय बेरोजगारों के नियोजन हेतु समन्वय और सामंजस्य बनाने के लिए 13 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया।
कमेटी में खान प्रबंधन भुरकुंडा माइन ‘ए’ को अध्यक्ष और भुरकुंडा कोलियरी सर्वेक्षण अधिकारी को समन्वय बनाया गया। वहीं बीएलए कंपनी के एक प्रतिनिधि को सदस्य नामित किया गया है। इसके साथ ही रैयत विस्थापित मोर्चा और संयुक्त विस्थापित मोर्चा के 5-5 लोगों को सदस्य बनाया गया है। जिसमें सन्नी कुमार बेसरा, विरेंद्र मांझी, सुनील मुर्मू, मिलन यादव, राकेश मुंडा, राजाराम प्रसाद, सुनील बेदिया, संजय मांझी, राणा प्रताप सिंह और कैलाश प्रसाद शामिल हैं।
वार्ता में सहमति बनने के उपरांत दोनों मोर्चा के प्रतिनिधियों ने धरना-प्रदर्शन में शामिल अपने लोगों को इसकी जानकारी दी और आंदोलन वापस ले लिया गया। बताते चलें कि नये पैच पर खनन कार्य कर रही बीएलए आउटसोर्सिंग कंपनी में रोजगार सहित अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे रैयत विस्थापित मोर्चा ने सांतवे दिन और संयुक्त विस्थापित मोर्चा ने तीसरे दिन अपना धरना समाप्त कर दिया है।
