हजारीबाग: पुलिस ने तीन अलग-अलग मामलों में कुल 13 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर शनिवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बड़कागांव थाना क्षेत्र के नापोखुर्द में पांच मार्च को हुए दोहरे हत्याकांड में सात अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।‌ वहीं बड़कागांव थाना अंतर्गत सिकरी ओपी क्षेत्र में बीते दो मार्च को हुए तुलसी महतो हत्याकांड में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि चौपारण थाना क्षेत्र में टेंपो चोरी करनेवाले गिरोह के तीन अभियुक्त पुलिस के हत्थे चढ़े हैं।

पुलिस अधीक्षक हजारीबाग अंजनी अंजन ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि बड़कागांव के नापोखुर्द में बीते पांच मार्च को आपसी रंजिश में हत्या के मामले में सात अभियुक्तों को पकड़ा गया है। बताया जाता है कि नापोखुर्द निवासी विकास कुमार पिता बंधु साव का पूर्व में ईंट भट्ठा के व्यापार करने के क्रम में स्थानीय बिनोद साव, संजय साव और रोहित साव से विवाद चल रहा था। बीते चार मार्च को विकास कुमार रांची से अपने घर नापोखुर्द आया था। जहां विनोद साव और अन्य लोगों के साथ उसका झगड़ा हुआ था। इसके दूसरे दिन 05 मार्च को विकास कुमार अपने दोस्त प्रभात कुमार, कुलदीप कुमार, दीपक तिवारी, पारसनाथ महतो उर्फ सिटन, घनश्याम कुमार, सूरज कुमार, संदीप कुमार और नागेन्द्र गंझू के साथ पूर्व के विवाद को लेकर बदला लेने के इरादे से लाठी, लोहे का रड औल पाईप लेकर स्कॉर्पियो (JH01DQ7798) पर पहुंचा। इस दौरान विनोद साव अपने दोस्तों के होली के अवसर पर डीजे बजाकर रास्ते में नाच गा रहे हैं। यह देख स्कॉर्पियों गाड़ी चल रहे विकास कुमार ने तेजी से स्कॉर्पियो चलाते हुए उनलागों पर गाड़ी चढ़ा दिया और लाठी, लोहे का रड और पाईप से विनोद साव समेत अन्य लोगों के साथ मारपीट करने लगे। मारपीट के क्रम में रोहित कुमार पिता भीखन साव और प्रदीप कुमार पिता देवानंद साव दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। जबकि छह अन्य घायल हो गए। घटना को अंजाम देकर विकास कुमार अपने साथियों के साथ स्कॉर्पियों गाड़ी में बैठकर तेजी से भागने लगा। इस क्रम में गाड़ी अनियंत्रित होकर बिजली के खम्भे में जा टकराई और पलट गई। जिसके बाद सभी अभियुक्त किसी तरह गाड़ी से निकलकर भाग गये। पुलिस ने छापेमारी कर प्राथमिकी अभियुक्त  विकास कुमार, प्रभात कुमार, कुलदीप कुमार, दीपक तिवारी, पारसनाथ महतो उर्फ सिटन, घनश्याम कुमार और नागेन्द्र गंझू को गिरफ्तार कर लिया है।

जमीन हड़पने के लिए तुलसी महतो को उतारा मौत के घाट

बड़कागांव थाना अंतर्गत सिकरी ओपी क्षेत्र में बीते 2 मार्च को तुलसी महतो को धरदार हथियार से निर्मम गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। साथ ही साक्ष्य  छिपाने के उदेशय से शव को तालाब के किनारे फेंक दिया गया था। घटना के उपरांत मृतक की पत्नी वादीनी के लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बड़कागांव पवन कुमार के नेतृत्व में टीम ने तीन अभियुक्त को गिरफ्तार किया। जिसमें पारनदी निवासी सुरेन्द्र महतो, मीना महतो, बासुदेव महतो शामिल हैं। पुलिस की पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि तुलसी महतो से जमीन से संबंधित विवाद चल रहा था। तीन माह पूर्व तुलसी महतो के पिता की मृत्यु हो गयी। जिससे तुलसी महतो घर का अकेला सदस्य बच गया था। तभी इन सभी अभियुक्तों के मन में लालच आया कि तुलसी महतो को मार कर उसकी जमीन हड़प लिया जाय। योजनानुसार गिरफ्तार सभी अभियुक्तों के द्वारा मीना महतो के घर छठियारी खाने के बहाने तुलसी महतो को बुलाया गया और  इन सभी के द्वारा तुलसी महतो को अत्यधिक शराब पिलाया गया। घर वापस घर जाने के क्रम में तुलसी महतो को आरोपियों ने जमीन में गिराकर लोहे को हथियार चिल्होठी (बैठी) से गला रेत कर हत्या कर दी और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को तालाब किनारे फेंक दिया गया।

चौपारण में ई-रिक्शा चोरी करने वाले गिरोह का हुआ पर्दाफाश 

चौपारण थाना क्षेत्र से चोरी गए ई-रिक्शा की बरामदगी करते हुए पुलिस ने तीन अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। बताया जाता है कि बीते छह मार्च को सुरेन्द्र यादव पिता महेंद्र यादव निवासी बरहमोरिया थाना चौपारण जिला हजारीबाग के द्वारा ई-रिक्शा चोरी किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। मामले की छानबीन करते हुए पुलिस ने चोरी किये गए ई-रिक्शा को रांची के ओरमांझी थाना क्षेत्र से बरमाद किया और चोरी में शामिल तीन चोरो को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों में कोडरमा निवासी प्रकाश कुमार उम्र-20 वर्ष पिता स्व. अमृत साव, राजा कुमार (19 वर्ष) पिता आदित्य तिवारी और गौतम कुमार (20 वर्ष/ पिता स्व. महाबीर महतो शामिल है। तीनों पूर्व में भी जेल जा चुके और उनके विरुद्ध जिले में कई काण्ड दर्ज है।

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