| 170 गरीब-असहायों को कराया भोजन, पौधरोपण किया |
रामगढ़: सामाजिक संगठन रामगढ़ बचाओ संघर्ष समिति (RBSS) का 10वां स्थापना दिवस गुरुवार को बड़े उत्साह और सादगी के साथ मनाया गया। अवसर पर समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने शहर के वार्ड संख्या 08 स्थित रानी सती दादी मंदिर परिसर में 170 गरीब और असहायों को भोजन कराया। साथ ही फलदार और छायादार वृक्षों के कई पौधे भी लगाए।

कार्यक्रम का शुभारंभ समिति के अध्यक्ष धनंजय कुमार पुटूस द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और जनसेवा के प्रति समिति की प्रतिबद्धता को दोहराया गया। अपने संबोधन में अध्यक्ष धनंजय कुमार पुटूस ने कहा कि रामगढ़ बचाओ संघर्ष समिति की स्थापना 23 जुलाई 2016 को आम जनता के अधिकारों, जनहित के मुद्दों और रामगढ़ के समग्र विकास के उद्देश्य से की गई थी। जिसे शुभचिंतको के सुझाव पर वर्ष 2020 में रजिस्टर्ड करवाया गया था। पिछले 10 वर्षों में समिति ने अनेक महत्वपूर्ण जनआंदोलनों के माध्यम से जनता की आवाज़ को बुलंद किया है और कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।
धनंजय कुमार पुटुस ने 10 वर्षों की उपलब्धियों को संक्षिप्त रूप से साझा करते हुए कहा कि बंद पड़े पुराने सदर अस्पताल को पुनः चालू कराने हेतु आमरण अनशन एवं आंदोलन, जिसके बाद प्रशासन ने मांग को जायज मानते हुए अस्पताल को पूर्ण रूप से चालू किया। वहीं रामगढ़ शहर से बस स्टैंड को अन्य स्थान पर स्थानांतरित किए जाने के प्रयास को जनआंदोलन के माध्यम से रोका गया। रामगढ़ जिला में सरकारी ब्लड बैंक की स्थापना की मांग को लेकर आंदोलन चला।छावनी परिषद क्षेत्र में पानी सप्लाई की समस्या को लेकर भी समिति लगातार आंदोलनरत रही है। इसके अतिरिक्त सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यावरण संरक्षण और अन्य अनेक जनहित के मुद्दों पर समिति द्वारा निरंतर संघर्ष किया गया है।
इस दौरान अन्य वक्ताओं ने कहा कि रामगढ़ बचाओ संघर्ष समिति ने हमेशा जनता की समस्याओं को अपनी समस्या मानकर संघर्ष किया है और आगे भी जनसेवा का यह अभियान और अधिक व्यापक रूप से जारी रहेगा। कार्यक्रम के अंत में समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने यह संकल्प लिया कि वे रामगढ़ के विकास, पर्यावरण संरक्षण और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत रहेंगे।
मौके पर पूजा कुमारी, मनीषा कौंडल, सुरेंद्र राम, पिंटू मालाकार, राम कुशवाहा, अजय कुमार, अमर बोदरा, रवि महतो, बिट्टू कुमार, गीता देवी, राजेंद्र प्रसाद, सोनी कुमारी, गौतम कुमार, सरस्वती कुमारी, शिवानी देवी, श्रवण ठाकुर, संजू कुमार, सिकंदर सोनी, मंजू देवी सहित कई अन्य उपस्थित थे।
