Bjp jharkhand press conference on sir

 

अपात्र वोटरों के नाम शामिल करने का हो रहा प्रयास : आदित्य साहू 

रांची: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य आदित्य साहू ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर झारखंड सरकार और सत्तारूढ़ गठबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को आयोजित प्रेसवार्ता में साहू ने कहा कि संताल परगना समेत राज्य के कई इलाकों में मतदाता सूची में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग से इन मामलों की स्वतंत्र और गहन जांच कराने की मांग की।

आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया शुरू होने से पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के नेताओं ने इसका विरोध किया था, लेकिन अब कुछ लोगों के नाम कथित तौर पर गलत तरीके से मतदाता सूची में शामिल कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की पारदर्शिता लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है और किसी भी शिकायत की जांच दस्तावेजों के आधार पर होनी चाहिए।

प्रेसवार्ता में पाकुड़ के बरहवा प्रखंड के आहुत ग्राम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के प्रयास के आरोप में चार लोगों और एक कॉमन सर्विस सेंटर संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आदित्य साहू ने राजमहल विधानसभा क्षेत्र की एक मतदाता सूची का हवाला देते हुए कहा कि एक ही घर में मतदाताओं की संख्या और कुछ मतदाताओं की उम्र में असामान्य अंतर दर्ज है। उन्होंने ऐसे मामलों के सत्यापन की मांग की।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट विधानसभा क्षेत्र के एक बूथ पर एक ही घर में 49 मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। भाजपा की ओर से किए गए प्रारंभिक सत्यापन में 11 लोग मौके पर नहीं मिले। साहू के अनुसार, आपत्ति दर्ज कराने की कोशिश के बावजूद कुछ अधिकारियों और बूथ स्तर के कर्मियों पर आपत्तियां स्वीकार नहीं करने का दबाव होने की शिकायत मिली है। उन्होंने कहा कि फॉर्म-7 के जरिए आपत्ति दर्ज करना नागरिकों और राजनीतिक दलों का अधिकार है तथा अधिकारियों को हर आवेदन स्वीकार कर उसकी जांच करनी चाहिए।

उन्होंने ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को चुनाव आयोग तक ले जाएगी और अपात्र नामों को हटाने के लिए कानूनी तथा लोकतांत्रिक माध्यमों से कार्रवाई की मांग करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई किसी समुदाय विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि अवैध या अपात्र मतदाताओं की पहचान के लिए होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कुछ विधानसभा क्षेत्रों में पांच वर्षों के दौरान मतदाताओं की संख्या में सामान्य से कई गुना अधिक वृद्धि हुई है और इस संबंध में भाजपा पहले भी चुनाव आयोग को ज्ञापन दे चुकी है।

भाजपा ने राज्य सरकार से मतदाता सूची से जुड़ी सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने और चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुरूप पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की है।