रांची: जंगलों में वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ उनके इंसानी बस्तियों और परिवहन-ऊर्जा ढांचे से टकराव को कम करने पर झारखंड में विशेष जोर दिया जाएगा। 2 से 7 अक्टूबर तक मनाए जाने वाले 72वें वन्यजीव सप्ताह में वन्यजीव अपराध, मानव-वन्यजीव संघर्ष और रेल व बिजली लाइनों से होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर संबंधित विभाग साझा रणनीति तैयार करेंगे।

6 अक्टूबर को होटल बीएनआर चाणक्य में होने वाली अंतर-एजेंसी बैठक में पुलिस, रेलवे, विद्युत और पशुपालन विभाग के साथ वन विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में वन्यजीव अपराध रोकने और रेल व बिजली लाइनों से होने वाली घटनाओं को कम करने के उपायों पर चर्चा होगी। इसी दिन वन्यजीव कॉरिडोर के संरक्षण पर कार्यशाला भी होगी। साथ ही फोटोग्राफी प्रदर्शनी लगाई जाएगी।

इससे पहले 2 अक्टूबर को डोरंडा स्थित पलाश हॉल से वन्यजीव सप्ताह की शुरुआत होगी। राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ प्रभात फेरी और वॉकथॉन होगा। 3 अक्टूबर को संरक्षित क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक भ्रमण और बर्ड वॉचिंग भी कराई जाएगी।

4 अक्टूबर को रांची में 10 किलोमीटर का वॉकथॉन आयोजित होगा। इसकी शुरुआत प्रधान मुख्य वन संरक्षक करेंगे। 5 अक्टूबर को जिला स्तर पर स्कूली बच्चों और युवाओं के लिए पेंटिंग, ड्राइंग और निबंध प्रतियोगिताएं होंगी।

7 अक्टूबर को समापन समारोह के साथ सप्ताहभर के कार्यक्रम पूरे होंगे। अभियान का उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण को लेकर आम लोगों और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ संरक्षण से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों पर भी ध्यान केंद्रित करना है।

मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) संजीव कुमार ने नागरिकों, विद्यार्थियों, पर्यावरण प्रेमियों और स्वयंसेवी संस्थाओं से कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।